Canara HSBC Life Insurance ने 31 मार्च 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी ने 8.23% की बढ़ोतरी दर्ज करते हुए ₹126.61 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) कमाया है। पूरे साल के लिए नेट प्रीमियम इनकम (NPI) में 25.36% का ज़बरदस्त उछाल आया, जो ₹9,840.98 करोड़ पर पहुंच गया।
चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजों की बात करें तो NPI 13.21% बढ़कर ₹3,060.66 करोड़ रही, और इस तिमाही में कंपनी ने ₹34.73 करोड़ का PAT दर्ज किया।
कंपनी के लिए अच्छी खबर यह है कि उसे अपने ज्वाइंट स्टैच्यूटरी ऑडिटर से क्लीन ऑडिट रिपोर्ट मिली है। साथ ही, अक्टूबर 2025 में IPO के बाद स्टॉक एक्सचेंज पर सफल लिस्टिंग भी हुई। शेयरधारकों को पुरस्कृत करते हुए, कंपनी ने ₹0.40 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड का प्रस्ताव दिया है।
हालांकि, कुछ चिंताएं भी उभर कर सामने आई हैं। मार्च 2026 में सबऑर्डिनेटेड डेट NCDs जारी करने के बाद कंपनी का कर्ज बढ़कर ₹250 करोड़ हो गया है। इसके अलावा, चौथी तिमाही में इक्विटी इन्वेस्टमेंट पर 'मार्क-टू-मार्केट' (MTM) असर के कारण ₹171.59 करोड़ का निवेश नुकसान (investment loss) दर्ज किया गया।
ये नतीजे Canara HSBC Life Insurance के IPO के बाद से लगातार ऑपरेशनल ग्रोथ को दर्शाते हैं। प्रीमियम इनकम में इतनी बड़ी वृद्धि से पता चलता है कि कंपनी की मार्केट में अच्छी पकड़ बन रही है। क्लीन ऑडिट रिपोर्ट निवेशकों का भरोसा मजबूत करती है, और डिविडेंड का प्रस्ताव शेयरधारकों के लिए खुशी की बात है।
हालांकि, बढ़े हुए कर्ज से भविष्य में फाइनेंस कॉस्ट बढ़ सकती है, जो प्रॉफिटेबिलिटी पर असर डाल सकती है। वहीं, इक्विटी मार्केट की अस्थिरता निवेश आय में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव ला सकती है।
सेक्टर के अन्य प्रमुख खिलाड़ियों की बात करें तो SBI Life ने FY26 में ₹2,470 करोड़ का PAT (2% ऊपर) और ₹99,956 करोड़ की NPI दर्ज की। HDFC Life का PAT ₹1,912.3 करोड़ (5.6% ऊपर) था, जबकि ICICI Prudential Life का PAT 34.6% बढ़कर ₹1,600 करोड़ हो गया। इस तुलना में, Canara HSBC की 25.36% NPI ग्रोथ काफी दमदार दिख रही है।
आगे निवेशकों की नज़र इस बात पर रहेगी कि कंपनी अपने कर्ज को कैसे मैनेज करती है और फाइनेंस कॉस्ट को कैसे नियंत्रित करती है। प्रीमियम इनकम की ग्रोथ, MTM नुकसान को कम करने की रणनीति और IPO के बाद कंपनी का प्रदर्शन अहम रहेगा।
