12 मई को बोर्ड मीटिंग, FY26 नतीजों को मिलेगी मंजूरी
ZF Steering Gear India Ltd. के शेयरधारकों के लिए 12 मई, 2026 एक अहम तारीख है। इस दिन कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग होनी है, जिसमें 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 (FY26) के पूरे साल के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स (Standalone और Consolidated दोनों) को अंतिम मंजूरी दी जाएगी।
नतीजों से पहले ट्रेडिंग विंडो बंद
बोर्ड मीटिंग के ऐलान के साथ ही, कंपनी ने यह भी साफ कर दिया है कि वह एक 'क्लोज्ड पीरियड' या ट्रेडिंग विंडो लागू करेगी। यह विंडो नतीजों के आधिकारिक ऐलान के 48 घंटे बाद ही खुलेगी। यह कदम कंपनी के अंदरूनी लोगों (insiders) द्वारा किसी भी संभावित इनसाइडर ट्रेडिंग को रोकने के लिए उठाया जाता है, ताकि सभी निवेशकों को समान जानकारी मिल सके।
पिछले प्रदर्शन पर एक नजर
निवेशकों की नजरें अब FY26 के नतीजों पर टिकी हैं। पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 (FY25) में, ZF Steering Gear India ने ₹515 करोड़ का रेवेन्यू और ₹19 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Profit After Tax) दर्ज किया था। वहीं, चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में कंपनी का रेवेन्यू ₹143.23 करोड़ और मुनाफा ₹7.28 करोड़ रहा था।
रिन्यूएबल एनर्जी में बड़ा ऑर्डर
कंपनी के लिए एक अच्छी खबर यह भी है कि उसकी सब्सिडियरी Drivesys Systems को रिन्यूएबल एनर्जी कंपोनेंट्स के लिए लगभग ₹151 करोड़ का एक बड़ा ऑर्डर मिला है, जो इस सेगमेंट में ग्रोथ का संकेत दे रहा है।
चिंताएं और इंडस्ट्री चुनौतियां
हालांकि, कुछ चिंताएं भी हैं। सबसे बड़ी चिंता पूर्व ज्वाइंट वेंचर पार्टनर ZF Friedrichshafen AG के साथ चल रहा ट्रेडमार्क उल्लंघन का विवाद है। ZF Friedrichshafen AG कंपनी से ₹100 करोड़ के हर्जाने की मांग कर रहा है, जिसे ZF Steering Gear India सिरे से खारिज कर रहा है। इसके अलावा, कंपनी को ऑटो कंपोनेंट्स सेक्टर की साइक्लिकलिटी (cyclicality), सेमीकंडक्टर की कमी और कमोडिटी व फ्यूल की बढ़ती कीमतों जैसी इंडस्ट्री चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है।
पीयर कंपेरिजन और आगे क्या?
ऑटो कंपोनेंट्स सेक्टर में ZF Steering Gear India की तुलना Bosch Ltd., Schaeffler India, Minda Corporation और Rane Madras जैसी कंपनियों से की जाती है। कंपनी का ट्रेलिंग ट्वेल्व मंथ्स (TTM) प्राइस-टू-अर्निंग्स (PE) रेश्यो 37.93 है, जो इंडस्ट्री के औसत 29.3x से थोड़ा ज्यादा है। अब निवेशक FY26 के नतीजों में रेवेन्यू ग्रोथ, प्रॉफिटेबिलिटी और मार्जिन परफॉर्मेंस को बारीकी से देखेंगे। रिन्यूएबल एनर्जी बिजनेस से कितना योगदान मिल रहा है और ट्रेडमार्क केस में क्या प्रगति होती है, इस पर भी सबकी नजरें रहेंगी।
