ZF India: शेयरधारकों की बल्ले-बल्ले! ₹460 Cr Profit और 5:1 Bonus Issue का ऐलान

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
ZF India: शेयरधारकों की बल्ले-बल्ले! ₹460 Cr Profit और 5:1 Bonus Issue का ऐलान
Overview

ZF Commercial Vehicle Control Systems India के बोर्ड ने वितीय वर्ष 2026 (FY26) के ऑडिटेड नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने **₹3,830.96 करोड़** के रेवेन्यू पर **₹460.73 करोड़** का दमदार मुनाफा दर्ज किया है। शेयरधारकों को खुश करते हुए बोर्ड ने **₹4 प्रति शेयर** का डिविडेंड और **5:1** के अनुपात में बोनस शेयर जारी करने की सिफारिश की है।

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कंपनी ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वितीय वर्ष के लिए अपने कंसोलिडेटेड नतीजे पेश किए। इसके तहत, ₹3,830.96 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया गया, जबकि नेट प्रॉफिट ₹460.73 करोड़ रहा। स्टैंडअलोन आधार पर भी कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा, जहाँ रेवेन्यू ₹3,804.09 करोड़ और प्रॉफिट ₹458.66 करोड़ रहा।

13 मई, 2026 को हुई बोर्ड मीटिंग में इन नतीजों को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही, बोर्ड ने ₹5 फेस वैल्यू वाले इक्विटी शेयर पर ₹4 का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है। सबसे खास बात यह है कि शेयरधारकों के लिए 5:1 के रेश्यो में बोनस शेयर जारी करने को भी मंजूरी मिल गई है, हालाँकि इसके लिए शेयरधारकों और रेगुलेटरी संस्थाओं की मंजूरी अभी बाकी है।

इस 5:1 बोनस इशू का मुख्य मकसद मौजूदा शेयरधारकों को उनकी हिस्सेदारी बढ़ाकर लाभ पहुंचाना है। वहीं, ₹4 प्रति शेयर का डिविडेंड सीधे निवेशकों की जेब में जाएगा। इन सबके अलावा, कंपनी अपनी पूरी तरह से नियंत्रित सब्सिडियरी ZF MIPL में ₹300 करोड़ का निवेश करने की योजना बना रही है। यह निवेश सब्सिडियरी के कैपिटल एक्सपेंडिचर, वर्किंग कैपिटल की ज़रूरतें पूरी करने और लोन चुकाने के लिए किया जाएगा।

ZF Commercial Vehicle Control Systems India Ltd, जो पहले WABCO India के नाम से जानी जाती थी, भारतीय ऑटोमोटिव कंपोनेंट सेक्टर की एक अहम कंपनी है। यह ग्लोबल ZF Group का हिस्सा है और कमर्शियल व्हीकल्स के लिए ज़रूरी सेफ्टी और एफिशिएंसी सिस्टम बनाती है। FY26 के नतीजे FY25 की तुलना में ग्रोथ में एक बड़ी तेज़ी दिखाते हैं, जब कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹3,281.7 करोड़ और प्रॉफिट ₹373.5 करोड़ था।

प्रस्तावित कॉरपोरेट एक्शन्स के बाद, शेयरधारकों की हिस्सेदारी 5:1 बोनस इशू के ज़रिए बढ़ेगी और ₹4 डिविडेंड से तत्काल फायदा होगा। इन सब को सपोर्ट करने के लिए, कंपनी ने अपने अधिकृत शेयर कैपिटल को ₹10 करोड़ से बढ़ाकर ₹60 करोड़ करने का प्रस्ताव दिया है। नए भारतीय लेबर कोड लागू होने के चलते, कंपनी ने एम्प्लॉई बेनिफिट्स के लिए ₹7.94 करोड़ का एक वन-टाइम प्रोविज़न भी दर्ज किया है।

अगर इंडस्ट्री के दूसरे दिग्गजों से तुलना करें, तो FY26 में Bosch Ltd ने लगभग ₹16,000.7 करोड़ का रेवेन्यू और ₹1,773.2 करोड़ का PAT दर्ज किया। Sundram Fasteners का रेवेन्यू ₹4,983.8 करोड़ और PAT ₹441.2 करोड़ रहा, जबकि Samvardhana Motherson International ने ₹93,762 करोड़ का रेवेन्यू और ₹2,476 करोड़ का PAT कमाया। ZF India का ₹3,830.96 करोड़ का रेवेन्यू Sundram Fasteners के करीब है और प्रॉफिट मार्जिन भी इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धी दिख रहा है।

निवेशक अब आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में डिविडेंड और अधिकृत कैपिटल बढ़ाने के प्रस्तावों पर शेयरधारकों की मंजूरी का इंतज़ार करेंगे। 5:1 बोनस शेयर इशू की कंप्लीशन प्रोसेस और रिकॉर्ड डेट 24 जून, 2026 है। साथ ही, ZF MIPL में ₹300 करोड़ के निवेश का कैसा असर होता है, इस पर भी नज़रें रहेंगी।

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