ट्रेडिंग विंडो क्यों बंद हुई?
Yashhtej Industries ने स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया है कि यह 'ट्रेडिंग विंडो' 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी रूप से बंद रहेगी। यह तब तक जारी रहेगी जब तक कंपनी 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने ऑडिटेड वित्तीय परिणामों की आधिकारिक घोषणा नहीं कर देती। इस घोषणा के 48 घंटे बाद ही यह विंडो फिर से खुलेगी।
यह एक सामान्य रेगुलेटरी प्रक्रिया है, जो SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2015 के तहत आती है। इसका मुख्य उद्देश्य इनसाइडर ट्रेडिंग को रोकना है। यानी, कंपनी के अंदरूनी सूत्रों (जैसे कि की-पर्सन और उनके करीबी रिश्तेदार) के पास गैर-सार्वजनिक, मूल्य-संवेदनशील जानकारी का उपयोग करके शेयर की खरीद-बिक्री पर रोक लगाना, ताकि सभी निवेशकों के लिए एक समान अवसर बना रहे।
कंपनी का बैकग्राउंड और हालिया विकास
महाराष्ट्र के लातूर स्थित Yashhtej Industries, जो पहले Yashhtej Solvent Limited के नाम से जानी जाती थी (नाम बदलकर फरवरी 2025 में हुआ), एक एग्रीबिजनेस फर्म है। यह मुख्य रूप से सोयाबीन क्रूड ऑयल और डी-ऑयल्ड केक (DOC) के उत्पादन में विशेषज्ञता रखती है। कंपनी ने हाल ही में 25 फरवरी, 2026 को BSE SME प्लेटफॉर्म पर अपना IPO लॉन्च किया था। लिस्टिंग के समय इसके शेयर IPO मूल्य ₹110 से 20% डिस्काउंट पर ट्रेड हुए थे।
कंपनी अपने कारोबार को विविध बना रही है। इसने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी कदम रखा है और मार्च 2026 से 5 MW के एक सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट से राजस्व उत्पन्न करना शुरू कर दिया है। साथ ही, कंपनी वर्टिकल इंटीग्रेशन की योजना बना रही है और एडिबल ऑयल प्रोडक्शन के लिए एक रिफाइनरी बनाने पर विचार कर रही है।
