शेयरधारकों ने इन बड़े फैसलों पर जताई सहमति
18 मार्च, 2026 को हुई एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में Yash Trading and Finance Limited के शेयरधारकों ने नौ विशेष प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी। इस मीटिंग में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 17 सदस्यों ने हिस्सा लिया, जो 243 शेयरधारकों में से थे। मीटिंग के दौरान, 11 मार्च, 2026 तक रिकॉर्ड पर आए शेयरधारकों के वोट 22,40,277 थे, जो सभी प्रस्तावों के पक्ष में पड़े।
नए नाम और लोकेशन से मिलेगा बूस्ट?
इन फैसलों के साथ, कंपनी अब 'Lexora Global Limited' के नए नाम से जानी जाएगी और इसका रजिस्टर्ड ऑफिस महाराष्ट्र से शिफ्ट होकर गुजरात चला जाएगा। यह कदम कंपनी के पारंपरिक फाइनेंस और ट्रेडिंग बिजनेस से हटकर नए ग्रोथ सेक्टर्स में पैर जमाने की मंशा को दिखाता है।
कंपनी का पुराना इतिहास और नई राह
1985 में इनकॉर्पोरेट हुई Yash Trading and Finance Limited का मुख्य काम सिक्योरिटीज ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट एक्टिविटीज रहा है। हालांकि, कंपनी ने 'नो सिग्निफिकेंट बिजनेस ऑपरेशन्स' और नेट लॉस जैसी चुनौतियों का सामना भी किया है। हाल की रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी नए बिजनेस वेंचर्स तलाश रही है। इसकी सब्सिडियरी ने फरवरी 2026 में ही सोलर पावर प्रोजेक्ट डेवलपमेंट का काम शुरू कर दिया था। 2024 के अंत में भी कंपनी के नाम बदलने और ऑफिस शिफ्ट करने की योजनाएं सामने आई थीं।
पावर सेक्टर में बड़ा दांव
अब Lexora Global के तौर पर, कंपनी पावर जनरेशन और डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर, खासकर रिन्यूएबल एनर्जी में विस्तार की तैयारी कर रही है। इसके लिए नए लीडरशिप, जिसमें चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर शामिल हैं, की भी नियुक्ति की गई है।
क्या हैं प्रमुख जोखिम?
इस बड़े बदलाव के बावजूद, कंपनी के सामने कई चुनौतियां हैं। कंपनी के इतिहास में खराब फाइनेंशियल परफॉर्मेंस, कम प्रमोटर शेयरहोल्डिंग, नेगेटिव रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE), और कमजोर प्रॉफिट ग्रोथ जैसे मुद्दे रहे हैं। इतना ही नहीं, 2013 में BSE द्वारा ट्रेडिंग सस्पेंशन जैसी कंप्लायंस की दिक्कतें भी कंपनी के अतीत का हिस्सा रही हैं। कम एक्टिविटी वाले फाइनेंस बैकग्राउंड से पावर सेक्टर जैसे बड़े और जटिल क्षेत्र में उतरना ऑपरेशनल और एग्जीक्यूशन के लिहाज से बड़ी चुनौती होगी।
कॉम्पिटिशन और आगे की राह
जहां Yash Trading के पुराने पीयर्स Bajaj Finance Ltd. और Shriram Finance Ltd. जैसी फाइनेंस कंपनियां थीं, वहीं पावर सेक्टर में उतरने के बाद यह Tata Power Company Ltd. जैसी दिग्गजों के साथ खड़ी होगी। यह सेक्टर फिलहाल काफी निवेश और सरकारी सपोर्ट, खासकर रिन्यूएबल एनर्जी में, हासिल कर रहा है।
निवेशकों को किन बातों पर रखनी होगी नजर?
आगे चलकर निवेशकों और जानकारों की नजरें कुछ प्रमुख चीजों पर रहेंगी। इसमें नाम बदलने और ऑफिस शिफ्ट करने के लिए जरूरी रेगुलेटरी अप्रूवल मिलना शामिल है। पावर सेक्टर में नए बिजनेस के ऑपरेशनल होने की प्रगति, सब्सिडियरी के प्रोजेक्ट डेवलपमेंट की रफ्तार, कंपनी की फंडिंग स्ट्रेटेजी और लगातार कमजोर रहे फाइनेंशियल परफॉर्मेंस में सुधार देखना अहम होगा। साथ ही, नए डायरेक्टर्स की काबिलियत और उनके द्वारा दी जा रही स्ट्रैटेजिक दिशा कंपनी के भविष्य की राह तय करेगी।
