Yash Highvoltage: ₹2.1 करोड़ का साइबर फ्रॉड, कंपनी की पेमेंट में सेंध!

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Yash Highvoltage: ₹2.1 करोड़ का साइबर फ्रॉड, कंपनी की पेमेंट में सेंध!
Overview

Yash Highvoltage Ltd. ने एक बड़े साइबर फ्रॉड का खुलासा किया है। कंपनी का अनुमान है कि ₹2.10 करोड़ का नुकसान हुआ है, जो एक चीनी वेंडर से जुड़े पेमेंट डायवर्जन स्कैम के कारण हुआ। कंपनी का कहना है कि उसके ऑपरेशंस पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा है और फंड की रिकवरी के लिए बैंकों के साथ काम किया जा रहा है। साथ ही, अधिकारियों के पास शिकायत भी दर्ज कराई गई है।

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फ्रॉड की कहानी क्या है?

Yash Highvoltage Ltd. ने बताया है कि उन्हें एक साइबर फ्रॉड की वजह से करीब ₹2.10 करोड़ का अनुमानित नुकसान हुआ है। इस नुकसान में ₹1.36 करोड़ उन मटीरियल के लिए हैं जो कंपनी को मिल चुके थे, और ₹73.90 लाख उन सामानों के लिए हैं जो अभी तक नहीं मिले हैं।

कंपनी ने 31 मार्च 2026 को यह जानकारी दी कि वे एक चीनी वेंडर से जुड़े पेमेंट डायवर्जन स्कैम का शिकार हुए हैं। दरअसल, कंपनी ने पेमेंट एक ऐसे बैंक अकाउंट में भेज दिया था जिसे बदलकर असली सप्लायर होने का दिखावा किया जा रहा था।

कंपनी की क्या है स्थिति?

Yash Highvoltage ने साफ किया है कि इस घटना का कंपनी के रोजमर्रा के कामकाज पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। फिलहाल, कंपनी अपने बैंकों के साथ मिलकर इस ठगी हुई रकम को वापस पाने के तरीकों पर विचार कर रही है। इस मामले की बाकायदा एक शिकायत संबंधित अधिकारियों के पास भी दर्ज करा दी गई है।

खतरे की घंटी: पहले भी हो चुका है साइबर अटैक

यह कोई पहला मौका नहीं है जब Yash Highvoltage को साइबर सुरक्षा से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा हो। इसी साल फरवरी 2026 में, एक रैंसमवेयर ग्रुप ने कंपनी पर साइबर अटैक करने का दावा किया था और संवेदनशील डेटा लीक करने की धमकी भी दी थी। यह घटना कंपनी की डिजिटल सुरक्षा में संभावित कमजोरियों की ओर इशारा करती है।

आगे क्या?

इस इंसिडेंट के बाद, कंपनी सभी वेंडर पेमेंट्स के लिए और भी ज्यादा सतर्कता और वेरिफिकेशन प्रोटोकॉल लागू कर सकती है। खासकर बैंक अकाउंट डिटेल में बदलावों पर खास ध्यान दिया जाएगा। उम्मीद है कि फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन और ईमेल्स से जुड़े साइबर सुरक्षा उपायों को भी और मजबूत किया जाएगा।

मुख्य जोखिम

इस फ्रॉड से जुड़ा सबसे बड़ा जोखिम यह है कि शायद कंपनी पूरी ₹2.10 करोड़ की रकम वापस न पा सके। अगर कंपनी अपनी साइबर सुरक्षा को मजबूत नहीं करती है, तो भविष्य में ऐसे और हमलों का खतरा बना रहेगा। इस धोखाधड़ी से कंपनी की इमेज को भी नुकसान पहुंच सकता है, जिसका असर बिजनेस टाइज और निवेशकों के भरोसे पर पड़ सकता है।

इंडस्ट्री का हाल

Yash Highvoltage, इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट सेक्टर में CG Power, BHEL, Hitachi Energy India, और GE Vernova T&D India जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। ये कंपनियां पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन गियर बनाती हैं और इनके लिए भी जटिल सप्लाई चेन और विदेशी सप्लायर्स के साथ काम करने में इसी तरह के फ्रॉड के रिस्क बने रहते हैं।

फाइनेंशियल जानकारी

कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025 में ₹1.93 बिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया था। पिछले बारह महीनों (सितंबर 2025 तक) का EBITDA $5.044 मिलियन था।

आगे क्या देखें?

निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि बैंकों के साथ फंड रिकवरी की प्रक्रिया कितनी आगे बढ़ती है, सरकारी अधिकारियों के पास दर्ज कराई गई शिकायत का क्या नतीजा निकलता है, और कंपनी अपनी साइबर सुरक्षा या इंटरनल कंट्रोल्स को लेकर क्या नए ऐलान करती है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.