नतीजों और अहम फैसलों का लेखा-जोखा
YOGI Ltd के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 15 मई, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के ऑडिटेड नतीजे मंजूर कर लिए। इस दौरान, कंपनी ने ₹439.45 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और ₹21.18 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया।
पहला डिविडेंड और RPT लिमिट
इस बार सबसे खास बात यह है कि कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों को खुश करते हुए ₹0.25 प्रति इक्विटी शेयर का पहला अंतिम डिविडेंड देने की सिफारिश की है। यह फेस वैल्यू का 2.5% है। इसके साथ ही, कंपनी ने संबंधित पक्ष लेनदेन (Related Party Transactions - RPT) के लिए सालाना ₹1300 करोड़ तक की लिमिट को भी मंजूरी दे दी है।
CSR के लिए नया कदम
कंपनी ने सामाजिक कल्याण और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) गतिविधियों के लिए "Yogi Seva Foundation" नाम की एक नई पूरी तरह से नियंत्रित सब्सिडियरी (wholly-owned subsidiary) भी बनाई है।
अन्य महत्वपूर्ण फैसले
इसके अलावा, नए इंटरनल और सीक्रेटरियल ऑडिटर की नियुक्ति और डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन पॉलिसी को भी अपनाया गया है।
क्यों खास है यह साल?
यह पहला डिविडेंड YOGI Ltd के लिए शेयरधारकों को वैल्यू लौटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ₹1300 करोड़ की RPT लिमिट ग्रुप के भीतर बड़े पैमाने पर बिजनेस डीलिंग का संकेत देती है, जिस पर निवेशकों को पारदर्शिता के लिए नज़र रखनी होगी। वहीं, Yogi Seva Foundation की स्थापना CSR पहलों के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को औपचारिक रूप देती है।
पिछले साल के मुकाबले प्रदर्शन
FY26 में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹439.45 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹380 करोड़ से लगभग 15.6% ज्यादा है। वहीं, कंसोलिडेटेड PAT ₹21.18 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹18 करोड़ से लगभग 17.6% बढ़ा है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
शेयरधारक अब पहले अंतिम डिविडेंड पर वोटिंग के नतीजों का इंतजार कर रहे होंगे। साथ ही, मंजूर हुए RPT डील्स की प्रकृति और संबंधित पार्टियों का विवरण, नई Yogi Seva Foundation सब्सिडियरी की परफॉरमेंस और कंपनी की नई डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन पॉलिसी का पालन, ये वो चीज़ें हैं जिन पर निवेशकों को पैनी नज़र रखनी चाहिए।