चेन्नई पार्क बना कमाई का जरिया, Wonderla के नतीजे चमके
Wonderla Holidays ने Q4 FY'26 में अपने दमदार नतीजों से निवेशकों को खुश कर दिया है। चेन्नई में नए पार्क के सफल लॉन्च ने कंपनी की कमाई को पंख लगा दिए हैं। इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 40% बढ़कर ₹135 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट (PAT) में 49% की जोरदार उछाल के साथ ₹16.4 करोड़ दर्ज किया गया। EBITDA में भी 64% का शानदार इजाफा हुआ और यह ₹43.8 करोड़ पर पहुंच गया।
पूरे फाइनेंशियल ईयर FY'26 के लिए, कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 13% बढ़कर ₹518.8 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹458.6 करोड़ था। कंसॉलिडेटेड EBITDA भी बढ़कर लगभग ₹160 करोड़ हो गया। हालांकि, FY'25 में मिले एक खास टैक्स क्रेडिट के चलते पूरे साल का PAT 25% घटकर ₹81.7 करोड़ रहा। अगले फाइनेंशियल ईयर FY'27 के लिए, Wonderla मेंटेनेंस और छोटे-मोटे अपग्रेड के लिए ₹35-40 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर करने की योजना बना रही है।
Tier 1 शहरों पर फोकस, नए पार्क की तैयारी
Wonderla अब अपने विस्तार की रणनीति में बदलाव कर रही है। कंपनी अब छोटे शहरों की बजाय बड़े मेट्रो शहरों (Tier 1 Cities) में बड़े और असरदार पार्क खोलने पर जोर दे रही है। इसका लक्ष्य इसी फाइनेंशियल ईयर में Tier 1 शहरों में 1-2 नए पार्क के डील को पक्का करना है। कंपनी को उम्मीद है कि 2025 के आखिर में लॉन्च हुआ चेन्नई पार्क उसकी ग्रोथ का मुख्य इंजन बनेगा।
निवेशकों के लिए खास बातें
निवेशक Wonderla की Tier 1 शहरों में मौजूदगी बढ़ाने पर नज़र रखेंगे। चेन्नई पार्क पहले पूरे साल के ऑपरेशन के बाद FY'27 में कमाई और प्रॉफिट में अहम योगदान देगा। कंपनी टिकट रेवेन्यू के साथ-साथ नॉन-टिकट रेवेन्यू पर भी जोर देगी, ताकि अगले 4-5 सालों में दोनों का अनुपात 50-50 हो जाए। बैंगलोर में नया रोलर कोस्टर और चेन्नई में स्काई व्हील जैसे नए आकर्षण जोड़े जा रहे हैं, जिनसे डेप्रिसिएशन बढ़ सकता है।
संभावित चुनौतियां
नए पार्क खोलने में भारत में ज़मीन अधिग्रहण और सरकारी मंज़ूरी मिलने में होने वाली देरी जैसी समस्याएं आ सकती हैं। हैदराबाद पार्क में पिछले दो सालों से फुटफॉल कम हो रहा है, जिसके लिए कंपनी को खास रणनीति पर काम करना होगा। इसके अलावा, आर्थिक अनिश्चितताएं और लोगों की खर्च करने की क्षमता पर दबाव भी भविष्य के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है।
आगे क्या?
निवेशक Tier 1 शहरों में नए पार्क डेवलपमेंट की डील पर नज़र रखेंगे। चेन्नई पार्क का प्रदर्शन, नॉन-टिकट रेवेन्यू बढ़ाने की कोशिशें और नई प्रोजेक्ट्स के लिए अप्रूवल प्रोसेस को कंपनी कितनी जल्दी निपटा पाती है, यह देखना अहम होगा। साथ ही, हैदराबाद पार्क में सुधार की कोशिशें भी महत्वपूर्ण होंगी।