टैक्स डिपार्टमेंट ने भेजा ₹28.39 करोड़ का ड्राफ्ट ऑर्डर
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने Whirlpool India को 26 मार्च 2024 को असेसमेंट ईयर 2023-24 के लिए एक ड्राफ्ट टैक्स असेसमेंट ऑर्डर जारी किया है। इस आदेश में कंपनी के लिए कुल ₹28.39 करोड़ के डिसअलॉएंसेस का प्रस्ताव है। इसमें ₹21.31 करोड़ का एडजस्टमेंट ट्रांसफर प्राइसिंग (Transfer Pricing) से जुड़ा है, जबकि ₹7.08 करोड़ इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 43B (Section 43B) से संबंधित हैं।
कंपनी का पक्ष: 'हमारा ऑपरेशन प्रभावित नहीं होगा'
Whirlpool India के मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि कंपनी इन प्रस्तावित टैक्स क्लेम्स की वैधता और मेंटेनेबिलिटी पर विवाद करती है। भले ही ड्राफ्ट ऑर्डर में ₹7.14 करोड़ की संभावित टैक्स लायबिलिटी (Liability), इंटरेस्ट (Interest) और पेनाल्टी (Penalty) का जिक्र है, कंपनी का मानना है कि ये एडिशन्स (Additions) सही नहीं हैं। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि इन मामलों का अंतिम परिणाम कंपनी के ऑपरेशन्स को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित नहीं करेगा।
पहले भी हो चुका है टैक्स विवाद
यह पहली बार नहीं है जब Whirlpool India टैक्स जांच के दायरे में आई है। पिछले साल 2023 में, ऐसी खबरें थीं कि कंपनी असेसमेंट ईयर 2017-18 से 2019-20 के लिए ₹340 करोड़ की टैक्स डिमांड के खिलाफ भी लड़ रही थी, जिसमें ट्रांसफर प्राइसिंग एडजस्टमेंट्स का मामला शामिल था। यह लगातार ट्रांसफर प्राइसिंग पर फोकस मल्टीनेशनल कंपनियों के लिए भारत में एक आम चुनौती रही है।
निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?
शेयरहोल्डर्स के लिए ₹7.14 करोड़ की संभावित लायबिलिटी पर नजर रखना महत्वपूर्ण है। Whirlpool India अपनी आपत्तियों को डिस्प्यूट रेजोल्यूशन पैनल (Dispute Resolution Panel) के जरिए उठाने की प्रक्रिया में है। विवाद के समाधान के आधार पर, भविष्य के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स में प्रोविजन्स (Provisions) की आवश्यकता हो सकती है।
