रेवेन्यू पर थोड़ा असर, मुनाफे में भारी गिरावट
वित्त वर्ष 2026 (FY26) के लिए Wendt India का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू मामूली 0.26% घटकर ₹241.85 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹242.48 करोड़ था। यानी, कंपनी का रेवेन्यू लगभग सपाट रहा। हालांकि, खर्चों में भारी बढ़ोतरी और 'मशीनरी और एक्सेसरीज' (Machines and Accessories) जैसे अहम सेगमेंट में हुए नुकसान के चलते कंपनी के नेट प्रॉफिट में 63% से अधिक की भारी गिरावट आई है।
Q4 में भी प्रदर्शन रहा कमजोर
चौथे क्वार्टर (Q4 FY26) के नतीजों पर नजर डालें तो, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट घटकर ₹5.09 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह ₹12.47 करोड़ था। इस तिमाही में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में भी 12.55% की साल-दर-साल गिरावट देखी गई।
मुनाफे में गिरावट की मुख्य वजहें
मुनाफे में इस बड़ी सेंध का मुख्य कारण कंपनी के कंसोलिडेटेड सालाना खर्चों का ₹191.25 करोड़ (FY25) से बढ़कर ₹219.03 करोड़ (FY26) हो जाना है। इससे सीधे तौर पर कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव पड़ा।
इसके अलावा, 'मशीनरी और एक्सेसरीज' सेगमेंट ने FY26 में ₹13.60 करोड़ का कंसोलिडेटेड नुकसान दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी सेगमेंट से ₹8.54 करोड़ का मुनाफा हुआ था। दो विदेशी सब्सिडियरी कंपनियों को भी कुल मिलाकर ₹7.86 करोड़ का नेट लॉस हुआ है।
शेयरधारकों को मिलेगा डिविडेंड
मुनाफे में गिरावट के बावजूद, मैनेजमेंट ने शेयरधारकों को डिविडेंड (Dividend) देने का फैसला किया है। कंपनी ने ₹10 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। इसके साथ ही, पूरे वित्तीय वर्ष के लिए कुल डिविडेंड ₹30 प्रति शेयर होगा।
आगे क्या उम्मीद करें?
निवेशकों की नजर अब मैनेजमेंट पर रहेगी कि वे बढ़ते खर्चों और 'मशीनरी और एक्सेसरीज' सेगमेंट में हुए नुकसान से कैसे निपटते हैं। साथ ही, विदेशी सब्सिडियरी से हो रहे नुकसान को कम करने और भविष्य में रेवेन्यू ग्रोथ बढ़ाने की योजनाओं पर भी ध्यान दिया जाएगा।
