dàn dārdāz nātījē FY26 ke (Strong FY26 Results)
कंपनी ने पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए ₹3,331.42 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 108.51% ज़्यादा है। इसी अवधि में, कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) भी 109.09% की शानदार बढ़त के साथ ₹478.65 करोड़ पर पहुंच गया।
Q4 FY26 mein bhi damdaar pradarshan (Robust Q4 FY26 Performance)
चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजों पर नजर डालें तो रेवेन्यू में 131.31% की तेज़ी देखी गई और यह ₹1,102.40 करोड़ रहा। वहीं, इस तिमाही में PAT 66.08% बढ़कर ₹155.72 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी ने 19.24% से ज़्यादा का EBITDA मार्जिन हासिल किया, जो 15% के अनुमान से कहीं बेहतर है।
Projects ka safal nishpadan aur vistaar (Successful Project Execution and Expansion)
FY26 के दौरान, Waaree Renewable Technologies ने 2,727 MW के प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक पूरा किया है। कंपनी के पास अभी 2.8 GW का एक बड़ा ऑर्डर बैक लॉग है, जो आने वाले समय के लिए रेवेन्यू की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है।
Naye kshetron mein kadam (Entry into New Segments)
सोलर ईपीसी (EPC) के मुख्य काम के अलावा, कंपनी बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) ईपीसी (EPC) में भी विस्तार कर रही है। साथ ही, Waaree अपनी इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर (IPP) संपत्तियों को विकसित करने पर भी काम कर रही है। IPP प्रोजेक्ट्स के लिए कंपनी आंतरिक फंड का इस्तेमाल कर रही है, और साल के अंत तक 54 MW की IPP संपत्तियां चालू थीं, जिनसे FY26 में ₹26 करोड़ का रेवेन्यू आया।
Chunautiyan aur jokhim (Challenges and Risks)
हालांकि, कंपनी और इसकी पेरेंट कंपनी Waaree Energies कुछ कानूनी और रेगुलेटरी चुनौतियों का सामना कर रही हैं। Waaree Energies पर टैरिफ चोरी का आरोप है, जिसके लिए अमेरिकी कस्टम विभाग जांच कर रहा है। इसके अलावा, JinkoSolar ने पेटेंट उल्लंघन का केस किया है और Enel ने अधिग्रहण डील से जुड़े नुकसान के लिए मध्यस्थता की कार्यवाही शुरू की है।
Competition
Waaree Renewable, भारत के तेज़ी से बढ़ते सोलर ईपीसी बाज़ार में Sterling and Wilson Renewable Energy Ltd. और Tata Power Solar Systems Ltd. जैसी बड़ी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।
Niveshakon ke liye mahatvapurn bindu (Key Points for Investors)
निवेशक कंपनी के IPP प्रोजेक्ट्स के चालू होने, नए ऑर्डर मिलने की दर, BESS सेगमेंट से रेवेन्यू में वृद्धि और कानूनी मामलों के समाधान पर नज़र रखेंगे।
