नतीजे और भविष्य पर होगी चर्चा
30 अप्रैल, 2026 को दोपहर 3:00 बजे IST पर होने वाली इस कॉन्फ्रेंस कॉल का मुख्य उद्देश्य Waaree Energies के चौथे क्वार्टर (Q4 FY26) और पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (जो 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुआ) के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स पर विस्तार से बात करना है।
पिछले प्रदर्शन की झलक
यह घोषणा कंपनी के मजबूत परफॉरमेंस और ग्रोथ (Growth) के दौर के बाद आई है। फाइनेंशियल ईयर 2025 में Waaree ने ₹14,846.06 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था, जो पिछले साल की तुलना में 27.62% की बढ़ोतरी थी। मार्च 2025 तक, कंपनी के पास 25 GW से अधिक का ऑर्डर बुक था, जिसकी अनुमानित कीमत ₹47,000 करोड़ थी। हालिया तिमाही नतीजों (Q3 FY26) ने इस मोमेंटम को और मजबूत किया, जिसमें रेवेन्यू 118.9% बढ़कर ₹7,761.23 करोड़ हो गया और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 118.4% उछलकर ₹1,106.79 करोड़ पर पहुंच गया। Waaree ने FY26 के लिए ₹5,500 करोड़ से ₹6,000 करोड़ के बीच ईवीटीडीए (EBITDA) का महत्वाकांक्षी गाइडेंस भी दिया है।
कंपनी की पहचान और चुनौतियां
Waaree Energies को भारत के सबसे बड़े सोलर मॉड्यूल और सेल मैन्युफैक्चरर के तौर पर जाना जाता है, जो ग्रीन एनर्जी वैल्यू चेन में सक्रिय है। कंपनी की ग्लोबल प्रेज़ेंस (Global Presence) भी मजबूत है, जिसके मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भारत और अमेरिका में हैं।
हालांकि, कंपनी को कुछ चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है। नवंबर 2025 में, Waaree ने एक डेज़िग्नेटेड पर्सन द्वारा इनसाइडर ट्रेडिंग कोड के उल्लंघन की रिपोर्ट की थी, जिसके परिणामस्वरूप सेबी (SEBI) को प्रॉफिट डिस्गॉर्जमेंट (Profit Disgorgement) और चेतावनी मिली थी। इसके बाद, दिसंबर 2025 में, कंपनी को लगभग ₹85 लाख का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया। इसके अलावा, भारत से उत्पन्न होने वाले सोलर प्रोडक्ट्स पर अमेरिकी एंटी-डंपिंग ड्यूटीज (Anti-Dumping Duties) के हालिया इंपोज़िशन (Imposition) से भविष्य के एक्सपोर्ट रेवेन्यूज़ और प्रॉफिट मार्जिन पर संभावित असर पड़ सकता है, जो निवेशकों के लिए एक अहम चिंता का विषय है।
आगे क्या उम्मीदें?
यह इन्वेस्टर कॉल शेयरहोल्डर्स और एनालिस्ट्स के लिए Waaree की फाइनेंशियल स्टैंडिंग और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को समझने का एक महत्वपूर्ण मंच है। मैनेजमेंट से भविष्य के ग्रोथ प्रोस्पेक्ट्स, मार्केट ट्रेंड्स, स्ट्रेटेजिक प्लान्स और खासकर अमेरिका की ड्यूटीज पर प्रतिक्रिया जानने की उम्मीद है। कंपनी अपने प्रतिद्वंद्वियों जैसे टाटा पावर सोलर, अडानी सोलर, विक्रम सोलर और स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी के बीच अपनी स्थिति को कैसे मजबूत करती है, यह देखना अहम होगा।
