Waaree Energies में बड़े लीडरशिप बदलाव
भारत की सबसे बड़ी सोलर मॉड्यूल निर्माता कंपनी Waaree Energies ने अपने टॉप मैनेजमेंट में अहम फेरबदल किए हैं। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 20 मार्च, 2026 को हुई बैठक में जिग्नेश देवचंदभाई राठौड़ को 21 मार्च, 2026 से कंपनी का नया होल-टाइम डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है।
इसके साथ ही, अभिषेक पारेख को नया चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) बनाया गया है, जो 21 मार्च, 2026 से प्रभावी होगा।
पुराने CEO का जल्द इस्तीफ़ा
इन नई नियुक्तियों के साथ ही, कंपनी के मौजूदा CEO अमित अशोक पैठणकर ने 20 मार्च, 2026 से ही अपने पद से तत्काल इस्तीफा दे दिया है। पहले उनका कार्यकाल 15 मई, 2026 तक था, लेकिन अब वह निर्धारित समय से पहले ही कंपनी से अलग हो गए हैं।
इसके अलावा, सीनियरिटी के आधार पर, सोनल श्रीवास्तव ने 20 मार्च, 2026 से CFO का पद छोड़ दिया है। वहीं, मुन्ना सिंह को डेप्युटी चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर और वरुण गोयल को प्रेसिडेंट – ग्रोथ एंड स्ट्रैटेजी के पद पर 1 अप्रैल, 2026 से नियुक्त किया गया है।
नए नेतृत्व का अनुभव
नए CEO जिग्नेश राठौड़ Waaree Energies के साथ 2007 से जुड़े हुए हैं और उनके पास कंपनी के ऑपरेशन्स और बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन का गहरा अनुभव है। वह पहले से ही CEO-डेजिग्नेट के तौर पर कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटेजी में शामिल थे, जिससे यह बदलाव एक सोची-समझी प्रक्रिया का हिस्सा है।
कंपनी के सामने चुनौतियाँ
Waaree Energies इस समय कुछ बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है। अमेरिका के कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) द्वारा सोलर इम्पोर्ट पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी से बचने के लिए गलत लेबलिंग के आरोपों की जाँच चल रही है। इस जाँच का नतीजा कंपनी के अमेरिकी एक्सपोर्ट पर भारी टैरिफ लगा सकता है।
इसके अलावा, जनवरी 2026 में कंपनी ने एक फाइनेंस फंक्शन कर्मचारी द्वारा इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों के उल्लंघन की रिपोर्ट की थी।
आगे क्या?
Waaree Energies के लिए अब यह महत्वपूर्ण होगा कि वह 21 मार्च, 2026 से प्रभावी जिग्नेश राठौड़ की नियुक्ति के लिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी हासिल करे। साथ ही, अमेरिकी ट्रेड जांच के नतीजों और कंपनी के सप्लाई चेन पर इसके असर पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी।
