Waaree Energies का शानदार प्रदर्शन और बड़े कदम
Waaree Energies ने 29 अप्रैल 2026 को हुई अपनी बोर्ड मीटिंग के बाद वित्त वर्ष 2026 (जो 31 मार्च 2026 को समाप्त हुआ) के लिए अपने ऑडिट किए गए फाइनेंशियल रिजल्ट्स पेश किए। कंपनी ने ₹26,536.77 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जबकि नेट प्रॉफिट ₹3,884.15 करोड़ रहा। ऑडिटर्स ने कंपनी के वित्तीय नतीजों पर एक क्लीन ऑडिट रिपोर्ट दी है।
इसके साथ ही, बोर्ड ने शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन, ₹2 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है।
कंपनी ने ₹10,000 करोड़ की एक बड़ी फंड जुटाने की योजना को भी हरी झंडी दे दी है। एक अलग डेवलपमेंट में, कंपनी ने Waaree Semicon Private Limited की 100% हिस्सेदारी ₹1 लाख में खरीदने का फैसला किया है, जिससे यह उसकी स्टेप-डाउन सब्सिडियरी बन गई है।
इन नतीजों का क्या मतलब?
ये नतीजे कंपनी के मजबूत फाइनेंशियल परफॉरमेंस और ग्रोथ की योजनाओं को दर्शाते हैं। हालांकि, कंपनी कई कानूनी और रेगुलेटरी चुनौतियों का सामना कर रही है। जबरदस्त रेवेन्यू और प्रॉफिट के आंकड़े, फंड जुटाने और अधिग्रहण की खबरें ग्रोथ की मंशा दिखाती हैं, लेकिन लगातार चल रही जांचें और आर्बिट्रेशन निवेशकों के लिए वित्तीय और प्रतिष्ठा संबंधी जोखिम पैदा कर सकते हैं।
Waaree Energies पर चल रही जांचें और विवाद
Waaree Energies, जो 1990 में स्थापित हुई थी और भारत की सबसे बड़ी सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरर है, कई जांचों का सामना कर रही है:
- अमेरिकी कस्टम्स की जांच: कंपनी पर आरोप है कि उसने सोलर प्रोडक्ट्स पर अमेरिकी टैरिफ से बचने के लिए उन्हें गलत तरीके से भारतीय बताकर लेबल किया। अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) ने 'उचित संदेह' पाया है और आयात पर अग्रिम कैश डिपॉजिट की मांग की है। Waaree ने इसके लिए ₹294.78 करोड़ का प्रोविजन किया है और सहयोग करने की बात कही है।
- भारतीय आयकर विभाग की जांच: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने भी कंपनी के ऑफिसों और फैसेलिटीज पर जांच की है। कंपनी पूरा सहयोग कर रही है।
- Enel Green Power India से आर्बिट्रेशन: Enel Green Power Development ने लंदन में आर्बिट्रेशन शुरू किया है, जिसमें एक जनवरी 2025 के शेयर परचेज एग्रीमेंट (SPA) के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। Enel डैमेजेज और खोए हुए मुनाफे की मांग कर रही है। Waaree इन दावों का खंडन करती है।
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- निवेशकों को मजबूत फाइनेंशियल ईयर के साथ-साथ डिविडेंड का लाभ मिल सकता है।
- ₹10,000 करोड़ की फंड जुटाने की योजना और Waaree Semicon का अधिग्रहण भविष्य में विस्तार और मार्केट पोजिशन को मजबूत कर सकता है।
- लगातार चल रही जांचें और आर्बिट्रेशन अनिश्चितता और संभावित वित्तीय देनदारियां पैदा कर सकती हैं, जिन पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है।
- कंपनी की कंप्लायंस (Compliance) और ऑपरेशनल इंटीग्रिटी (Operational Integrity) पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
Waaree Energies का FY26 का रेवेन्यू ₹26,536 करोड़ और प्रॉफिट ₹3,884 करोड़ रहा, जो प्रतिस्पर्धी बाजार में इसके बड़े स्केल को दिखाता है।
