टैक्स अथॉरिटी का 'रेक्टिफिकेशन ऑर्डर' जारी
सेंट्रल जीएसटी अथॉरिटीज ने एक 'रेक्टिफिकेशन ऑर्डर' जारी कर विशाल फैब्रिक्स लिमिटेड की इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम से जुड़ी पेनल्टी को संशोधित किया है। पहले ₹24.27 करोड़ की पेनल्टी की जो सूचना 31 दिसंबर 2025 को दी गई थी, वह अब नए ऑर्डर के तहत घटकर ₹21.36 करोड़ कर दी गई है। कंपनी को 31 मार्च 2026 को इस संशोधित मांग की जानकारी मिली।
कंपनी को बड़ी राहत, 'मटेरियल इम्पैक्ट' की संभावना नहीं
अपनी लीगल एडवाइस के आधार पर, विशाल फैब्रिक्स का मानना है कि इस घटी हुई पेनल्टी का उसके फाइनेंस पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। यह मामला इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम में कथित अनियमितताओं से जुड़ा था, जिसके लिए साल 2023 के आखिर में ₹24.27 करोड़ का नोटिस जारी हुआ था।
इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) को समझें
इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) भारत की गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह व्यवसायों को रॉ मटेरियल या सेवाओं पर दिए गए टैक्स का क्रेडिट वापस लेने की सुविधा देता है। ITC क्लेम में की गई गलतियों या अनुचित दावों के कारण भारी जुर्माना लग सकता है।
आगे क्या?
हालांकि पेनल्टी की राशि में ₹2.91 करोड़ की कमी आई है, फिर भी ₹21.36 करोड़ की बची हुई राशि एक महत्वपूर्ण देनदारी है। कंपनी को जीएसटी नियमों के अनुपालन पर लगातार ध्यान देना होगा। यह मामला टेक्सटाइल सेक्टर की अन्य कंपनियों जैसे रेमंड लिमिटेड और सियाराम्स सिल्क मिल्स लिमिटेड के लिए भी प्रासंगिक है, जो अक्सर जटिल नियामक परिदृश्यों से गुजरती हैं।