NCLT मंजूरी और मालिकाना हक का पुर्नगठन
यह शेयर खरीद Viksit Engineering Limited के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि यह नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) से मिली मंजूरी के तहत हुई है। NCLT के इस रेज़ोल्यूशन प्लान ने इस डील को SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) के ओपन ऑफर नियमों से छूट दी है। इस अधिग्रहण के बाद, Ruchika Chaturvedi के पास अब 1% हिस्सेदारी है, जबकि Kushal Chaturvedi के पास 94% हिस्सेदारी है। इस तरह, दोनों का संयुक्त मालिकाना हक कंपनी की कुल शेयर कैपिटल का 95% हो गया है।
कंपनी की राह और भविष्य की उम्मीदें
यह मालिकाना हक में स्पष्टता Viksit Engineering के लिए एक बड़ा कदम है, क्योंकि कंपनी इन्सॉल्वेंसी प्रोसीडिंग्स (दिवालियापन की कार्यवाही) से गुजर रही थी। Ruchika और Kushal Chaturvedi के नियंत्रण को मजबूत करना कंपनी के संभावित पुनरुद्धार और भविष्य की रणनीतिक दिशा के लिए महत्वपूर्ण है।
Viksit Engineering Limited, जिसकी स्थापना 1983 में हुई थी, पारंपरिक रूप से स्टील उत्पादों के होलसेल ट्रेडिंग का काम करती रही है। कंपनी दिसंबर 2023 में कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रेज़ोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में दाखिल हुई थी। 11 फरवरी 2025 को NCLT मुंबई बेंच ने Ruchika और Kushal Chaturvedi द्वारा संयुक्त रूप से सबमिट किए गए रेज़ोल्यूशन प्लान को मंजूरी दी थी, जिसे कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स का भी सर्वसम्मति से समर्थन प्राप्त था।
हालांकि मालिकाना हक मजबूत हुआ है, Viksit Engineering अभी भी अपनी इन्सॉल्वेंसी रेज़ोल्यूशन प्रक्रिया से बाहर निकलने की कोशिश कर रही है। इसका मतलब है कि कंपनी की वित्तीय और परिचालन संबंधी चुनौतियाँ अभी भी बनी हुई हैं। खबरों के अनुसार, कंपनी ने अपने मुख्य ऑपरेशन्स को बंद कर दिया है, जिसके लिए व्यवसाय को फिर से शुरू करने या उसे नया मोड़ देने के लिए बड़े पुनरुद्धार प्रयास की आवश्यकता होगी।
आगे चलकर, प्रबंधन द्वारा स्वीकृत रेज़ोल्यूशन प्लान के कार्यान्वयन की प्रगति पर नज़र रखना महत्वपूर्ण होगा। ऑपरेशन्स को फिर से शुरू करने या विविधीकरण की रणनीतियों को लागू करने में प्रगति महत्वपूर्ण होगी। निवेशक भविष्य के वित्तीय नतीजों, परिचालन अपडेट्स और किसी भी आगे की नियामक घोषणाओं पर भी नज़र रखेंगे। व्यवसाय को फिर से स्थापित करने और लाभप्रदता हासिल करने की रणनीति कंपनी के टर्नअराउंड का केंद्र बिंदु होगी।
