बिजली उत्पादन और पर्यावरण पर असर
Vikran Engineering का यह नया 5 MW का सोलर प्लांट सालाना लगभग 10,000 MWh स्वच्छ ऊर्जा पैदा करने की उम्मीद है। इसके साथ ही, यह हर साल करीब 8,200 टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) के उत्सर्जन को कम करने में मदद करेगा। इस नई यूनिट के चालू होने से कंपनी की कुल ऑपरेशनल सोलर क्षमता अब दो प्लांट्स तक पहुंच गई है।
भविष्य की बड़ी योजनाएं
यह कदम Vikran Engineering के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि कंपनी पारंपरिक इंफ्रास्ट्रक्चर ईपीसी (EPC) सेवाओं से आगे बढ़कर रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अपनी पैठ बढ़ा रही है। फिलहाल, कंपनी के पास 145 MW के सोलर प्रोजेक्ट्स कंस्ट्रक्शन (Construction) के तहत चल रहे हैं।
सबसे खास बात यह है कि कंपनी के पास महाराष्ट्र में 600 MW के सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए ₹2,035.26 करोड़ का एक बड़ा ईपीसी (EPC) कॉन्ट्रैक्ट है, जो दिसंबर 2025 तक पूरा होना है। इसके अलावा, अप्रैल 2026 में, Vikran Engineering ने NOPL Solar Projects Private Limited (नोपल सोलर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड) में 49% हिस्सेदारी ₹4.9 करोड़ में खरीदी है। NOPL सोलर पीएम-कुसुम (PM-KUSUM) योजना के तहत महाराष्ट्र में 969 MW का एक बड़ा सोलर प्रोजेक्ट विकसित कर रही है।
चुनौतियां और निवेशक क्या देखें?
इन सकारात्मक कदमों के बावजूद, Vikran Engineering को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी की क्रेडिट रेटिंग 'Negative' (IND A-/Negative) है। फाइनेंशियल ईयर FY25 तक, ट्रेड रिसीवेबल्स (Trade Receivables) का एक हिस्सा छह महीने से अधिक समय से बकाया था, जिसमें कुछ राशि विवादित भी है। कंपनी ने FY24 और FY25 में ऑपरेटिंग एक्टिविटीज (Operating Activities) से नेगेटिव नेट कैश फ्लो (Net Cash Flow) भी रिपोर्ट किया है।
एक पुरानी समस्या रेलवे बोर्ड द्वारा कथित इंटीग्रिटी ब्रीच (Integrity Breach) के लिए दो साल का बैन ऑर्डर भी थी, जिसे दिल्ली हाईकोर्ट ने फिलहाल रोक दिया है और मामला अभी लंबित है। Vikran Engineering सोलर ईपीसी (EPC) मार्केट में Tata Power Solar, Waaree Energies, Adani Solar और L&T Solar जैसे बड़े खिलाड़ियों से मुकाबला कर रही है।
31 मार्च 2026 तक, कंपनी पर ₹45.84 करोड़ का लॉन्ग-टर्म कर्ज बकाया था, जिसके चलते वह SEBI के 'लार्ज कॉर्पोरेट' (Large Corporate) मानदंडों को पूरा नहीं करती है।
निवेशकों की नज़रें 145 MW सोलर क्षमता के एग्जीक्यूशन (Execution) की प्रगति, 600 MW कॉन्ट्रैक्ट की रफ्तार, NOPL Solar के इंटीग्रेशन, ऑपरेटिंग कैश फ्लो में सुधार और रेलवे बोर्ड वाले मामले के समाधान पर टिकी रहेंगी।
