IPO के बाद कंपनी का प्रदर्शन कैसा रहा?
Vidya Wires Ltd के लिए यह फाइनेंशियल ईयर (FY26) काफी सफल रहा। पूरे साल का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 24.39% बढ़कर ₹1,848.25 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, कंपनी ने नेट प्रॉफिट में भी अच्छी बढ़त दर्ज की है, जो पिछले साल ₹405.58 करोड़ से बढ़कर ₹576.55 करोड़ हो गया।
IPO से मिले फंड का असर
दिसंबर 2025 में लिस्टिंग के बाद, कंपनी के कुल इक्विटी में भी बड़ा उछाल देखने को मिला है, जो ₹1,662.79 करोड़ से बढ़कर ₹4,798.29 करोड़ हो गया। साथ ही, कंपनी ने अपने कुल कर्ज़ (Total Borrowings) को भी कम किया है। FY26 में यह ₹852.74 करोड़ पर आ गया, जबकि पिछले साल यह ₹1,456.29 करोड़ था। इस कर्ज़ में कमी IPO से मिले फंड्स और ऑपरेशनल सुधारों का बड़ा योगदान है।
निवेशकों का भरोसा कायम
कंपनी के नतीजों पर ऑडिटर की तरफ से 'अनमॉडिफाइड ओपिनियन' (Unmodified Opinion) मिलना निवेशकों के लिए एक बड़ा पॉज़िटिव संकेत है। यह बताता है कि कंपनी के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स सही हैं और इसमें कोई बड़ी खामी नहीं है।
IPO का मकसद पूरा
Vidya Wires ने दिसंबर 2025 में अपना IPO लाया था, जिसका मकसद कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure), कर्ज़ चुकाना और वर्किंग कैपिटल (Working Capital) को मज़बूत करना था। IPO के बाद कंपनी जिस तरह का प्रदर्शन कर रही है, उससे यह साफ है कि वह पब्लिक कंपनी के तौर पर तेज़ी से आगे बढ़ रही है।
आगे क्या?
अब निवेशकों की नज़र कंपनी के भविष्य के ग्रोथ प्लांस पर होगी। वायर और केबल सेक्टर में मुकाबला कड़ा है, जहाँ Polycab India Ltd, KEI Industries Ltd, और RR Kabel Ltd जैसी बड़ी कंपनियां भी मौजूद हैं। कंपनी को अपना रेवेन्यू ग्रोथ बनाए रखना होगा और कर्ज़ का प्रबंधन भी सावधानी से करना होगा।
एक चिंता का विषय
हालांकि, एक चिंता का विषय यह है कि कंपनी सेक्रेटरी ने 12 मई 2026 को इस्तीफ़ा दे दिया है, जिससे एक तत्काल वैकेंसी (Vacancy) पैदा हो गई है। इस पद पर जल्द नियुक्ति अहम होगी।
