Vedanta Board के अहम फैसले: ऑडिटर बदले, डिविडेंड पॉलिसी में नया अध्याय
Vedanta Limited के बोर्ड ने हाल ही में हुई एक बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। कंपनी ने M/s MSKA & Associates LLP को अगले पाँच साल के लिए अपना नया स्टेट्यूटरी ऑडिटर (Statutory Auditor) चुना है। यह नियुक्ति FY2027 से प्रभावी होने वाली डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन पॉलिसी (Dividend Distribution Policy) में संशोधन के साथ हुई है।
ऑडिटर की नियुक्ति और महत्व:
इस फैसले के तहत, M/s MSKA & Associates LLP अब Vedanta Limited के लिए अगले पाँच लगातार वित्तीय वर्षों तक ऑडिट का काम संभालेगी। यह फर्म अपने काम के लिए जानी जाती है और पहले भी HDFC Bank, Larsen & Toubro जैसी बड़ी कंपनियों के साथ-साथ Vedanta की ही सब्सिडियरी Hindustan Zinc का ऑडिट कर चुकी है। यह कदम कंपनी में कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जो निवेशकों को पारदर्शिता का भरोसा दिलाता है।
डिविडेंड पॉलिसी में बदलाव:
कंपनी ने Financial Year 2027 से लागू होने वाली अपनी डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन पॉलिसी को भी रिवाइज्ड किया है। यह बदलाव शेयरधारकों को रिटर्न देने की कंपनी की रणनीति में अधिक स्पष्टता और संरचना लाने के उद्देश्य से किया गया है।
बोर्ड में फेरबदल:
इसके अलावा, Vedanta ने अपने बोर्ड में एक नए सदस्य का स्वागत किया है। डॉ. मीना हेमचंद्र को 1 मई, 2026 से शुरू होने वाले एक साल के कार्यकाल के लिए नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर (Non-Executive Independent Director) के तौर पर नियुक्त किया गया है। वहीं, सुश्री पल्लवी जोशी बखरू ने 30 अप्रैल, 2026 से प्रभावी इंडिपेंडेंट डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया है।
अन्य अपडेट:
कंपनी ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही और पूरे वित्तीय वर्ष के लिए अपने ऑडिटेड कंसोलिडेटेड और स्टैंडअलोन फाइनेंशियल रिजल्ट्स (Financial Results) भी घोषित किए हैं, हालांकि इस घोषणा में नतीजों के विस्तृत आंकड़े शामिल नहीं थे।
आगे क्या देखना होगा:
निवेशक अब शेयरधारकों की वोटिंग का इंतजार करेंगे, जिसके बाद M/s MSKA & Associates LLP की ऑडिटर के तौर पर नियुक्ति अंतिम रूप लेगी। साथ ही, FY2027 से लागू होने वाली नई डिविडेंड पॉलिसी के दूरगामी प्रभावों पर भी बारीकी से नजर रखी जाएगी।
