Vedanta का बड़ा रीस्ट्रक्चरिंग प्लान: यूनिट्स का होगा डी मर्जर, BALCO का सौदा फाइनल
Vedanta Ltd एक बड़े कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग के साथ आगे बढ़ रही है। बोर्ड की मंजूरी के बाद, 'कम्पोजिट स्कीम ऑफ अरेंजमेंट' के तहत कंपनी अपनी एल्युमीनियम, मर्चेंट पावर, ऑयल एंड गैस, और आयरन ओर जैसी प्रमुख बिजनेस यूनिट्स को डीमर्ज करेगी। यह डीमर्जर 1 मई, 2026 से प्रभावी होगा। इसके अलावा, कंपनी 30 अप्रैल, 2026 तक भारत एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड (BALCO) में अपनी हिस्सेदारी बेच देगी।
इस डी मर्जर का मकसद क्या है?
इस स्ट्रेटेजिक मूव का मुख्य उद्देश्य अलग-अलग और केंद्रित बिजनेस यूनिट्स बनाकर वैल्यू को अनलॉक करना है। हर डीमर्ज्ड एंटिटी ज्यादा फुर्ती से काम कर सकेगी, अपने ग्रोथ स्ट्रेटेजी पर फोकस कर सकेगी और खास निवेशक हितों को आकर्षित कर सकेगी। इससे ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ने और अलग-अलग सेगमेंट के लिए बेहतर वैल्यूएशन मिलने की उम्मीद है।
शेयरहोल्डर्स पर क्या होगा असर?
इस प्लान के तहत, शेयरहोल्डर्स को डीमर्ज्ड एंटिटीज (Aluminium, Merchant Power, Oil & Gas, Iron Ore) में 1:1 स्वैप रेशियो के आधार पर इक्विटी शेयर मिलेंगे। इससे अलग-अलग लिस्टेड कंपनियां बनेंगी, जिससे हर बिजनेस के प्रदर्शन पर फोकस बढ़ेगा। BALCO में Vedanta की हिस्सेदारी Vedanta Aluminium (VAML) को ट्रांसफर की जाएगी। Talwandi Sabo Power Limited (TSPL) और Malco Energy Limited (MEL) का नाम बदलकर क्रमशः 'Vedanta Power Limited' और 'Vedanta Oil and Gas Limited' करने की उम्मीद है, यह अप्रूवल पर निर्भर करेगा। मौजूदा Vedanta Limited के पास बेस मेटल्स का बिजनेस रहेगा और यह नए वेंचर्स के लिए इनक्यूबेटर का काम करेगी।
BALCO की बिक्री और उसके मायने
BALCO शेयरों की बिक्री के लिए कंसीडरेशन में कम्पल्सरी कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (CCDs) शामिल हैं। इनकी वैल्यू इनकम टैक्स रूल्स, 2026 के अनुसार BALCO के फेयर मार्केट वैल्यू से कम नहीं होनी चाहिए। BALCO ने 31 मार्च, 2025 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹15,909.00 करोड़ का टर्नओवर दर्ज किया था। 31 मार्च, 2025 तक इसकी नेट वर्थ ₹12,088.00 करोड़ थी। ये आंकड़े Vedanta के कंसोलिडेटेड टर्नओवर का लगभग 10% और कंसोलिडेटेड नेट वर्थ का 39% हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और अप्रूवल
Vedanta का यह रीस्ट्रक्चरिंग प्लान पिछले कुछ सालों से विचाराधीन था, और इसके शुरुआती प्रस्ताव 2023 से आए थे। इसे नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की मुंबई बेंच से दिसंबर 2025 में अहम मंजूरी मिल गई थी। BALCO में Vedanta की हिस्सेदारी लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। कंपनी ने SEBI पेनाल्टी जैसे नियामक मुद्दों से भी निपटा है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को 30 अप्रैल, 2026 तक BALCO शेयरों की बिक्री के लिए एग्रीमेंट का फाइनल होना और साइन होना देखना होगा। वहीं, 1 मई, 2026 को 'कम्पोजिट स्कीम ऑफ अरेंजमेंट' का प्रभावी होना भी अहम होगा।
