नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) से मंजूरी मिलने के बाद Vedanta Limited अब अपने बड़े डीमेरजर प्लान को 1 मई 2026 से लागू करने के लिए तैयार है। इस पुनर्गठन (Restructuring) के तहत, कंपनी अपने विभिन्न बिजनेस अंडरटेकिंग्स (Business Undertakings) को चार अलग-अलग कंपनियों में बांटेगी, जिन्हें 'रिजल्टिंग कंपनीज' (Resulting Companies) कहा जाएगा। इस प्रक्रिया से शेयरहोल्डर्स को मूल Vedanta Limited के साथ-साथ इन नई कंपनियों में भी इक्विटी शेयर (Equity Shares) मिलेंगे।
चार नई केंद्रित कंपनियों का गठन
कंपनी का मुख्य उद्देश्य अपने बिजनेस यूनिट्स को और अधिक केंद्रित (Focused) बनाना है, ताकि हर सेगमेंट की वैल्यू (Value) बेहतर ढंग से सामने आए और ऑपरेशनल Oversight (निगरानी) को आसान बनाया जा सके। इन चार नई कंपनियों में हर एक अपने विशेष इंडस्ट्री वर्टिकल (Industry Vertical) पर ध्यान केंद्रित करेगी।
शेयरहोल्डर्स पर असर और टैक्स गाइडेंस
जब 1 मई 2026 को डीमेरजर प्रभावी हो जाएगा, तो शेयरहोल्डर्स के पास न केवल पैरेंट Vedanta Limited के शेयर होंगे, बल्कि इन चारों नई बनी कंपनियों के शेयर भी होंगे। निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि उन्हें अपने Vedanta शेयरों की मूल खरीद लागत (Original Cost of Acquisition) को इन सभी एंटिटीज (Entities) के बीच टैक्स गणना (Tax Calculation) के उद्देश्य से बांटना होगा।
कंपनी ने लागत को इन नई कंपनियों के बीच बांटने का एक सुझावित तरीका बताया है:
- Vedanta Limited: 52.34%
- Malco Energy Limited: 21.49%
- Talwandi Sabo Power Limited: 12.23%
- Vedanta Aluminium Metal Limited: 7.15%
- Vedanta Iron and Steel Limited: 6.79%
Vedanta Limited इस बात पर जोर देती है कि शेयरहोल्डर्स को अपनी व्यक्तिगत टैक्स देनदारियों (Tax Implications) को पूरी तरह समझने और लागत के सही बंटवारे के लिए अपने पर्सनल टैक्स एडवाइजर्स (Personal Tax Advisors) से सलाह लेनी चाहिए। कंपनी यह भी स्पष्ट करती है कि नियामक, वैधानिक या न्यायिक प्राधिकरण इस स्कीम की टैक्स संबंधी व्याख्या अलग तरीके से कर सकते हैं, इसलिए व्यक्तिगत सलाह अनिवार्य है।
बाकी बड़ी कंपनियों की राह पर Vedanta
Vedanta का यह डीमेरजर, Reliance Industries, Adani Enterprises, Jindal Steel & Power और Larsen & Toubro जैसी अन्य बड़ी भारतीय कंपनियों द्वारा पहले किए गए कॉर्पोरेट पुनर्गठन (Corporate Restructuring) के चलन का अनुसरण करता है।