Vedanta में गवर्नेंस और रणनीति को लेकर बड़े बदलाव
Vedanta Limited के बोर्ड ने हाल ही में हुई एक अहम बैठक में अपनी कॉर्पोरेट गवर्नेंस और भविष्य की रणनीति में बड़े बदलावों को मंजूरी दी है। इस बैठक में नए वैधानिक ऑडिटर (Statutory Auditors) की नियुक्ति का फैसला लिया गया। अब M/s M S K A & Associates LLP अगले पांच साल की अवधि के लिए कंपनी के ऑडिटर होंगे, जबकि पहले यह जिम्मेदारी M/s S.R. Batliboi & Co. LLP निभा रहे थे।
इसके अलावा, बोर्ड ने एक नए नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर, डॉ. मीना हेमचंद्र का स्वागत किया है। डॉ. हेमचंद्र 1 मई, 2026 से शुरू होने वाले एक साल के कार्यकाल के लिए बोर्ड में शामिल होंगी।
डिविडेंड पॉलिसी में बड़ा संशोधन
कंपनी ने अपनी डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन पॉलिसी (Dividend Distribution Policy) को भी संशोधित किया है, जो फाइनेंशियल ईयर 2027 से लागू होगी। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य पूंजी आवंटन (Capital Allocation) के लिए एक अधिक पारदर्शी ढांचा तैयार करना है।
बोर्ड से इन दिग्गजों का एग्जिट
इसी के साथ, इंडिपेंडेंट डायरेक्टर सुश्री पल्लवी जोशी बखरू ने 30 अप्रैल, 2026 से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी ने बताया कि यह इस्तीफा ग्रुप कंपनी ऑडिटर की नियुक्ति से संबंधित स्वतंत्रता (Independence) की आवश्यकताओं का पालन सुनिश्चित करने के लिए दिया गया है।
इन बदलावों का क्या है महत्व?
नए ऑडिटर की नियुक्ति से कंपनी की वित्तीय रिपोर्टिंग और आंतरिक नियंत्रण (Internal Controls) में नए दृष्टिकोण आने की उम्मीद है। वहीं, डॉ. हेमचंद्र का अनुभव बोर्ड की चर्चाओं और रणनीतिक दिशा-निर्देशों में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। डिविडेंड पॉलिसी में संशोधन यह दर्शाता है कि कंपनी शेयरधारकों को रिटर्न देने और भविष्य के विस्तार के बीच संतुलन बनाने के लिए अपनी पूंजी आवंटन रणनीति को समायोजित कर रही है।
अगले कदम क्या होंगे?
निवेशकों की नजर अब आगामी शेयरधारक बैठक पर होगी, जहां नए ऑडिटर और डॉ. हेमचंद्र की नियुक्ति को मंजूरी मिलनी है। साथ ही, फाइनेंशियल ईयर 2027 से लागू होने वाली संशोधित डिविडेंड पॉलिसी के कार्यान्वयन पर भी बारीकी से नजर रखी जाएगी।
