Vedanta Limited अपने बोर्ड में एक महत्वपूर्ण नियुक्ति करने जा रही है, जिसके लिए कंपनी शेयरधारकों से मंजूरी लेने की प्रक्रिया में है।
कंपनी पूर्व SEBI एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एस.वी. मुरलीधर राव को 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाले एक साल के कार्यकाल के लिए नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त करना चाहती है। इस नियुक्ति को अंतिम रूप देने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी पोस्टल बैलेट (postal ballot) और रिमोट ई-वोटिंग (remote e-voting) के जरिए ली जाएगी। यह वोटिंग प्रक्रिया 8 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 7 मई 2026 तक चलेगी।
एस.वी. मुरलीधर राव के पास सिक्योरिटीज मार्केट रेगुलेशन, कॉर्पोरेट फाइनेंस और बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) में कॉर्पोरेशन फाइनेंस और मार्केट रेगुलेशन जैसे महत्वपूर्ण विभागों को संभाला है। माना जा रहा है कि राव की विशेषज्ञता Vedanta के कॉर्पोरेट गवर्नेंस (corporate governance) और रणनीतिक दिशा को मजबूत करेगी, खासकर कंपनी के जटिल रीस्ट्रक्चरिंग (restructuring) प्लान के बीच।
Vedanta, जो एक ग्लोबल नेचुरल रिसोर्सेज कंपनी है, फिलहाल अपने बिजनेस को पांच अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में डीमर्ज (demerge) करने के लिए एक कॉम्प्लेक्स स्कीम ऑफ अरेंजमेंट (Composite Scheme of Arrangement) पर काम कर रही है। इस रीस्ट्रक्चरिंग को पूरा करने की समय सीमा 30 जून 2026 तक बढ़ाई गई है, क्योंकि इसे विभिन्न सरकारी स्वीकृतियां (regulatory approvals) मिलनी बाकी हैं। Vedanta का इतिहास गवर्नेंस से जुड़ी चुनौतियों से भी रहा है। 2023 में SEBI ने डिस्क्लोजर लैप्स (disclosure lapses) के लिए जुर्माना लगाया था और रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन्स (related-party transactions) पर भी चेतावनी जारी की गई थी। ऐसे में, एक अनुभवी रेगुलेटर की नियुक्ति कंपनी के गवर्नेंस ओवरसाइट (governance oversight) को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। राव का यह पद मिस्टर दिंदयाल Jalan का स्थान लेगा, जिनका कार्यकाल 31 मार्च 2026 को समाप्त हो रहा है।
