वेदांता में कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मजबूती
29 अप्रैल, 2026 को हुई Vedanta Limited की बोर्ड मीटिंग में कंपनी की कॉर्पोरेट गवर्नेंस और डिविडेंड पॉलिसी को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए। कंपनी ने रेगुलेटरी गाइडलाइंस का पालन करते हुए, MSKA & Associates LLP को 5 साल के लिए अपना नया स्टैच्यूटरी ऑडिटर चुना है। यह नियुक्ति मौजूदा ऑडिटर के कार्यकाल के बाद प्रभावी होगी।
बोर्ड को और मजबूत करने के लिए, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की पूर्व डिप्टी गवर्नर, डॉ. मीना हेमचंद्रा, 1 मई, 2026 से 1 साल के लिए नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में कंपनी के साथ जुड़ेंगी। उनके अनुभव से रेगुलेटरी और वित्तीय मामलों में कंपनी को काफी मदद मिलेगी।
इसके साथ ही, वेदांता ने अपनी डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन पॉलिसी को रिवाइज करने का फैसला किया है, जो फाइनेंशियल ईयर 2027 (FY 2027) से लागू होगी।
बोर्ड से इस्तीफा और नए ऑडिटर की अहमियत
बोर्ड ने इंडिपेंडेंट डायरेक्टर सुश्री पल्लवी जोशी बखरू का इस्तीफा भी स्वीकार कर लिया है, जो 30 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा। यह कदम ग्रुप एंटिटीज के लिए नए ऑडिटर की नियुक्ति और उनके ग्रांट थॉर्नटन भारत LLP के साथ जुड़े रेगुलेटरी कंप्लायंस से जुड़ा है।
इन रणनीतिक फैसलों से वेदांता की कॉर्पोरेट गवर्नेंस को बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता साफ दिखती है। नए ऑडिटर की 5 साल की नियुक्ति से काम में निरंतरता आएगी, जबकि डॉ. हेमचंद्रा का अनुभव बोर्ड को महत्वपूर्ण वित्तीय और रेगुलेटरी इनसाइट प्रदान करेगा।
डिविडेंड पॉलिसी और निवेशक विश्वास
नई डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन पॉलिसी शेयरधारकों को रिटर्न और कैपिटल एलोकेशन के लिए एक स्पष्ट फ्रेमवर्क प्रदान करेगी, जो निवेशकों का विश्वास बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
गौर करने वाली बात है कि वेदांता ने पहले भी ऑडिटर बदलाव देखे हैं। FY24 और FY25 के लिए SR Batliboi & Co. LLP स्टैच्यूटरी ऑडिटर थे, जबकि जुलाई 2023 में Deloitte Haskins & Sells LLP ने इस्तीफा दे दिया था। कंपनी को अगस्त 2023 में तीन इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के इस्तीफे के बाद गवर्नेंस संबंधी चिंताओं का भी सामना करना पड़ा था। दिसंबर 2022 में, वेदांता ने अपनी डिविडेंड पॉलिसी में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट का 30-50% पेआउट रेशियो रखने का लक्ष्य रखा था।
भविष्य की राह
इन बदलावों के बाद, निवेशक डॉ. हेमचंद्रा की डायरेक्टorship के लिए शेयरधारकों की मंजूरी, रिवाइज्ड डिविडेंड पॉलिसी के स्पेसिफिक डिटेल्स और नए ऑडिट फर्म के साथ स्मूथ ट्रांज़िशन पर नज़र रखेंगे। साथ ही, वेदांता की अपडेटेड कैपिटल एलोकेशन स्ट्रैटेजी पर बाजार की प्रतिक्रिया भी देखने लायक होगी।
