वितीय साल 2026 में Vardhman Special Steels का दमदार प्रदर्शन
कंपनी ने 28 अप्रैल, 2026 को अपने वितीय साल 2026 के नतीजे पेश किए। इस दौरान, कंपनी के ऑपरेशन्स से रेवेन्यू मामूली 0.57% घटकर ₹1,754.43 करोड़ रहा, लेकिन वहीं प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 31.08% की जोरदार उछाल आई और यह ₹93.09 करोड़ से बढ़कर ₹122.02 करोड़ हो गया। EBITDA में भी 17.87% की वृद्धि दर्ज की गई, जो ₹208.82 करोड़ रहा। चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे भी काफी मजबूत रहे, जहाँ रेवेन्यू में 6.98% की बढ़त के साथ PAT 72.20% बढ़कर ₹33.98 करोड़ पर पहुंच गया।
'डेट-फ्री' स्टेटस का बड़ा फायदा
FY26 में कंपनी का कर्ज-मुक्त (Debt-Free) होना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति और मजबूत हुई है, जिससे फाइनेंस कॉस्ट में कमी आएगी और भविष्य में निवेश के लिए अधिक लचीलापन मिलेगा। यह कंपनी अपने बैलेंस शीट को कम करने की रणनीति का नतीजा है, जिसमें जापान की Aichi Steel Corporation के साथ तकनीकी सहयोग और शेयरधारिता व्यवस्था ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भविष्य के लिए विस्तार और क्षमता वृद्धि
शेयरधारकों को इस प्रदर्शन के एवज में ₹3.50 प्रति इक्विटी शेयर का डिविडेंड (Dividend) देने की सिफारिश की गई है। Q4 FY26 में नए रीहीटिंग फर्नेस (Reheating Furnace) के चालू होने से उत्पादन क्षमता बढ़कर 270,000 टन हो गई है, जिससे भविष्य में सेल्स वॉल्यूम बढ़ाने में मदद मिलेगी। हाल ही में चालू हुए सोलर पावर प्लांट से लागत दक्षता (Cost Efficiency) में सुधार होगा और स्थिरता (Sustainability) के लक्ष्यों को भी बल मिलेगा। Aichi Steel के साथ गहराता सहयोग, जिसमें एक फोर्जिंग सुविधा (Forging Facility) के लिए मंजूरी भी शामिल है, ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स के उत्पादन की ओर एक मजबूत कदम दर्शाता है।
बाजार की चुनौतियां और भविष्य की राह
हालांकि, FY26 में रेवेन्यू में आई मामूली गिरावट का मुख्य कारण स्टील की कीमतों में नरमी को बताया गया है, जो बाजार की स्थितियों के अनुसार भविष्य में दबाव बना सकता है। कंपनी का फोकस विशेष अलॉय और स्टील उत्पादों, खासकर ऑटोमोटिव सेक्टर के लिए, पर है। यह Tata Steel और JSW Steel जैसे बड़े खिलाड़ियों से अलग है, वहीं Kalyani Steels जैसे खिलाड़ी इसके करीब हैं।
