कंपनी का कुल रेवेन्यू (Revenue) ₹2,201.65 करोड़ रहा, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) के ₹2,050.30 करोड़ के मुकाबले बढ़ा है। पिछले साल कंपनी ने ₹90.12 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया था, जबकि इस बार यह बढ़कर ₹100.59 करोड़ हो गया है।
शेयरधारकों की मंजूरी मिलने पर ₹2.50 प्रति इक्विटी शेयर का डिविडेंड (Dividend) दिया जाएगा। बोर्ड ने प्रेफरेंस डिविडेंड के लिए भी प्रस्ताव रखे हैं।
इसके अलावा, बोर्ड ने M/s S. S. Kothari Mehta & Company LLP को अगले तीन साल के लिए अपना इंटरनल ऑडिटर (Internal Auditor) नियुक्त किया है। M/s M. K. Singhal & Co. को फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए कॉस्ट ऑडिटर (Cost Auditor) के तौर पर फिर से चुना गया है।
कंपनी के नतीजों में कुछ खास बातें भी सामने आई हैं। उत्तराखंड राज्य सरकार से मिले एक अनसिक्योर्ड लोन पर ₹0.26 लाख का इंटरेस्ट (Interest) अभी अकाउंट नहीं किया गया है, जो वेवर (Waiver) एप्लीकेशन के फाइनल होने का इंतजार कर रहा है। नए लेबर कोड्स (Labour Codes) के कारण ग्रेच्युटी लायबिलिटी (Gratuity Liability) पर ₹1.35 करोड़ का एक-वन टाइम चार्ज (One-time Charge) दर्ज किया गया है। यूपी इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (UP Electricity Regulatory Commission) द्वारा पावर टैरिफ (Power Tariff) में रेट्रोस्पेक्टिव (Retrospective) रिवीजन से कंपनी के रेवेन्यू में ₹7.40 करोड़ का इजाफा हुआ है।
Uttam Sugar Mills चीनी, इथेनॉल और बिजली उत्पादन सेक्टर की एक बड़ी कंपनी है, जिसके मुख्य ऑपरेशन उत्तर प्रदेश में हैं। सरकार की इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम (Ethanol Blending Program) की पॉलिसी से कंपनी को फायदा हुआ है।
इस सेक्टर में बलरामपुर चीनी मिल्स (Balrampur Chini Mills) और द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज (Dwarikesh Sugar Industries) जैसी कंपनियां भी प्रमुख हैं।
निवेशकों को शेयरधारकों की मंजूरी, लोन वेवर एप्लीकेशन, लेबर कोड्स का असर और रेगुलेटरी बॉडीज से आने वाले अपडेट्स पर नजर रखनी चाहिए।