दमदार नतीजे और डिविडेंड का ऐलान
Usha Martin Limited ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स (Audited Financial Results) पेश किए। नतीजों के मुताबिक, कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (Consolidated PAT) पिछले साल के ₹406.32 करोड़ से बढ़कर ₹491.20 करोड़ पर पहुँच गया है, जो 21.16% की प्रभावशाली ग्रोथ है। वहीं, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) पिछले साल के ₹3,474.16 करोड़ से बढ़कर ₹3,691.06 करोड़ हो गया। स्टैंडअलोन लेवल पर, कंपनी ने ₹2,312.03 करोड़ का रेवेन्यू और ₹378.02 करोड़ का PAT दर्ज किया।
शेयरहोल्डर्स को रिटर्न देने के लिए, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने FY25-26 के लिए ₹3.75 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) की सिफारिश की है। यह शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के बाद दिया जाएगा।
ऑडिटर की राय और नए अपॉइंटमेंट्स
कंपनी के स्टेट्यूटरी ऑडिटर S R Batliboi & Co. LLP ने स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड दोनों फाइनेंशियल नतीजों पर एक अनमॉडिफाइड ओपिनियन (Unmodified Opinion) जारी किया है, जो कंपनी के अकाउंटिंग के लिए सकारात्मक संकेत है।
इसके अलावा, FY 2026-27 के लिए M/s Mani & Co. को कॉस्ट ऑडिटर (Cost Auditor) और M/s. Deloitte Touche Tohmatsu India LLP को इंटरनल ऑडिटर (Internal Auditor) के तौर पर नियुक्त किया गया है।
कानूनी पेंच: ED और CBI की नजर
हालांकि, निवेशकों के लिए एक चिंता का विषय बना हुआ है। Usha Martin लिमिटेड रांची में जमीन के टुकड़ों (Land Parcels) से जुड़े प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की चल रही कानूनी कार्यवाही का सामना कर रही है। इन जमीन के टुकड़ों का कुल मूल्य ₹190.37 करोड़ बताया जा रहा है। कंपनी का मैनेजमेंट अपनी लीगल पोजीशन को लेकर आश्वस्त है, लेकिन ये मामले नियामक जांच के दायरे में हैं। इन मामलों से जुड़ी अगली कोर्ट हियरिंग मई 2026 में निर्धारित है।
आगे क्या?
निवेशक मई 2026 में होने वाली कोर्ट हियरिंग के नतीजों पर अपनी पैनी नजर रखेंगे। इसके साथ ही, कंपनी के 'वन उषा मार्टिन' इनिशिएटिव (One Usha Martin Initiative) के तहत परिचालन दक्षता (Operational Efficiencies) में सुधार और लागत अनुकूलन (Cost Optimization) की प्रगति को ट्रैक करना भी महत्वपूर्ण होगा। नए लेबर कोड के लागू होने का प्रभाव और प्रमुख प्रतिस्पर्धियों जैसे टाटा स्टील (Tata Steel) और जेएसडब्ल्यू स्टील (JSW Steel) की तुलना में कंपनी के परफॉरमेंस पर भी नजर रहेगी।
