रिन्यूएबल एनर्जी में निवेश और नेतृत्व में बदलाव
Uno Minda ने अपने भविष्य को ग्रीन बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (Board of Directors) ने रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) सोर्स करने के लिए स्पेशल पर्पज़ व्हीकल्स (SPVs) में ₹7.5 करोड़ तक के निवेश को मंजूरी दी है। इस निवेश का लक्ष्य कंपनी के ऑपरेशन्स (operations) के लिए विंड (wind) और सोलर पावर (solar power) जुटाना है, और यह प्रोजेक्ट FY 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2) तक पूरा होने की उम्मीद है।
विभिन्न SPVs में कंपनी का निवेश इस प्रकार है:
- Uno Minda Ltd. ₹630 लाख Hexa Energy MH7 में निवेश करेगा।
- Uno Minda Ltd. ₹20 लाख RC Green Powers में निवेश करेगा।
- Uno Mindarika Pvt. Ltd. ₹70 लाख Hexa Energy MH11 में निवेश करेगा।
- Uno Minda Kyoraku Ltd. ₹50 लाख Hexa Energy MH2 में निवेश करेगा।
कुल मिलाकर, कंपनी का यह निवेश ₹750.20 लाख का है। RC Green Powers ने पिछले FY 2024-25 में ₹565.25 लाख का टर्नओवर (turnover) दर्ज किया था।
लीडरशिप में हुए अहम बदलाव
इसी के साथ, कंपनी ने 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी सीनियर मैनेजमेंट (Senior Management) के कई अहम पदों पर भी बदलाव किए हैं। विशाल कौल (Vishal Kaul) को CEO-आफ्टरमार्केट डोमेन (CEO-Aftermarket Domain) नियुक्त किया गया है। राकेश खेर (Rakesh Kher) CSO और एडवाइजर (CSO & Advisor) की भूमिका संभालेंगे, जबकि विष्णु जोहरी (Vishnu Johri) को 4W लाइटिंग और आसियान (ASEAN) ऑपरेशन्स के लिए COO नियुक्त किया गया है।
यह कदम क्यों महत्वपूर्ण है?
यह दोहरी घोषणा Uno Minda के सस्टेनेबिलिटी (Sustainability) प्रोफाइल को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। रिन्यूएबल एनर्जी में निवेश से कंपनी के कार्बन फुटप्रिंट (carbon footprint) को कम करने और ऑपरेशनल लागत (operational costs) को स्थिर करने में मदद मिलेगी। नेतृत्व में ये बदलाव आफ्टरमार्केट (Aftermarket) जैसे मुख्य बिज़नेस एरिया को मजबूत करने और अंतर्राष्ट्रीय उपस्थिति (international presence) का विस्तार करने की रणनीतिक मंशा को जाहिर करते हैं।
Uno Minda पहले से ही ESG (Environmental, Social, and Governance) सिद्धांतों पर काम कर रहा है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक अपनी वैश्विक बिजली की 40% जरूरतों को रिन्यूएबल एनर्जी से पूरा करना है। FY 2023-24 में, यह आंकड़ा पहले ही 18% तक पहुंच गया था। यह निवेश ऑटो कंपोनेंट सेक्टर (auto component sector) के व्यापक ESG रुझानों (trends) के अनुरूप है, जहां Motherson Group, Bosch India, Lumax Industries और Varroc Engineering जैसी कंपनियां भी सस्टेनेबिलिटी पर जोर दे रही हैं।