NCLAT का फैसला
नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने 16 अप्रैल 2026 को शेयरधारक श्री अंकित जैन की अपील को खारिज कर दिया। इस फैसले के बाद, नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) का 15 अक्टूबर 2025 का वह आदेश अब पूरी तरह से प्रभावी और निर्विवाद हो गया है, जो Universus Photo Imagings Limited के पक्ष में था।
विवाद की जड़ क्या थी?
यह पूरा मामला तब गरमाया जब श्री जैन ने NCLT में एक याचिका (Petition) दायर की थी, जिसमें उन्होंने कंपनी पर उत्पीड़न और कुप्रबंधन (Mismanagement) का आरोप लगाया था। उनकी मुख्य शिकायत JPF Netherlands B.V. में उनकी शेयरहोल्डिंग (Shareholding) के कम होने को लेकर थी। उन्होंने दावा किया कि राइट्स इश्यू (Rights Issue) के दौरान जब उन्होंने हिस्सा नहीं लिया, तो प्रमोटर ग्रुप (Promoter Group) की कंपनियों ने बड़े पैमाने पर शेयर खरीदे, जिससे परिवार का स्टेक (Stake) बढ़ा और माइनॉरिटी शेयरधारकों (Minority Shareholders) को नुकसान हुआ।
कंपनी को मिली राहत
NCLAT द्वारा अपील खारिज किए जाने से Universus Photo Imagings को महत्वपूर्ण कानूनी स्पष्टता (Legal Clarity) मिली है। इससे निवेशकों की संभावित चिंताएं दूर हो गई हैं और कंपनी का मैनेजमेंट अब पूरी तरह से अपने मुख्य व्यावसायिक कार्यों (Core Business Operations) पर ध्यान केंद्रित कर सकेगा। इस फैसले ने कंपनी के लिए जारी कानूनी विवाद पर एक अहम पड़ाव पार कर लिया है।
Universus Photo Imagings ने NCLAT के इस निर्णय पर संज्ञान लिया है और अब ट्रिब्यूनल से औपचारिक लिखित आदेश (Written Order) जारी होने का इंतजार कर रही है।
