₹450 करोड़ में Hobel Bellows पर Unimech Aerospace का कब्जा!
Unimech Aerospace and Manufacturing Ltd. ने अपने Precision Engineering सेगमेंट को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने ₹450 करोड़ में Hobel Bellows Private Limited को खरीद लिया है। यह ऑल-कैश डील कंपनी की आंतरिक कमाई से फंड की गई है और इसका मकसद Unimech को हाई-वैल्यू Precision Engineering प्लेटफॉर्म के तौर पर स्थापित करना है।
Hobel Bellows, जो मेटैलिक बेलोज़ और फ्लेक्सिबल ट्यूबिंग असेंबली में माहिर है, FY26 में ₹129 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज कर चुकी है। इसकी सबसे खास बात इसके 50% से अधिक के EBITDA मार्जिन हैं, जो इंडस्ट्री में काफी ऊंचे माने जाते हैं। Hobel की मेटल फॉर्मिंग, हाइड्रोफॉर्मिंग और ऑटोमेटेड टेस्टिंग सिस्टम्स में विशेषज्ञता Unimech के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को और भी उन्नत बनाएगी, खासकर इंजीनियरिंग असेंबली और सब-सिस्टम्स के क्षेत्र में।
रणनीतिक दांव, भविष्य की ग्रोथ पर नजर
यह अधिग्रहण Unimech के उस विजन के साथ बिल्कुल मेल खाता है जिसमें वह कॉम्प्लिमेंट्री क्षमताओं को एकीकृत करना चाहती है और एयरोस्पेस, डिफेंस और न्यूक्लियर जैसे हाई-एंट्री बैरियर वाले सेगमेंट्स में विस्तार करना चाहती है। Hobel Bellows का मजबूत फाइनेंशियल ट्रैक रिकॉर्ड, जिसमें 50% से ऊपर का EBITDA मार्जिन और 50% से ऊपर का ROCE शामिल है, इस अधिग्रहण को Unimech के लिए मार्जिन-एक्रीटिव (margin-accretive) बनाने की उम्मीद है।
अगले 3-4 सालों में Hobel Bellows की एनुअल ग्रोथ रेट 15-17% रहने का अनुमान है। यह ग्रोथ ग्लोबल बेलोज़ और ट्यूबिंग मार्केट के $2.6 बिलियन के आकार से प्रेरित होगी। डील का वैल्यूएशन Hobel के FY26 EBITDA का 7x था, जो कंपनी के मजबूत प्रदर्शन को देखते हुए काफी आकर्षक माना जा रहा है।
**क्या है खासियत?
इस डील से Unimech को वैल्यू चेन में ऊपर चढ़ने में मदद मिलेगी। अब कंपनी सिर्फ Precision Components बनाने से आगे बढ़कर कॉम्प्लेक्स Engineered Assemblies और Subsystems की पेशकश कर सकेगी। इससे एयरोस्पेस और डिफेंस जैसे हाई-प्रोफाइल सेक्टर्स में कंपनी की मार्केट पोजिशन मजबूत होगी और मौजूदा ग्राहकों के साथ बड़ा रेवेन्यू जेनरेट करने के अवसर बढ़ेंगे।
बड़ी चुनौती और आगे क्या?
हालांकि, अधिग्रहण के बाद Hobel Bellows के लिए सबसे बड़ी चुनौती एयरोस्पेस मार्केट में और पैठ बनाने के लिए AS9100 सर्टिफिकेशन हासिल करना होगा। निवेशकों की नजरें इस बात पर होंगी कि Unimech इस सर्टिफिकेशन को कितनी जल्दी प्राप्त करती है और Hobel के ऑपरेशंस को कितनी सफलतापूर्वक इंटीग्रेट करती है।
