200 MT क्षमता का बड़ा कीर्तिमान!
UltraTech Cement ने वित्तीय वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में अपनी स्थापित क्षमता को 200.1 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) तक पहुंचा दिया है। इस उपलब्धि ने कंपनी को चीन के बाहर सबसे बड़ा ग्लोबल सीमेंट प्लेयर बना दिया है। कंपनी ने यह भी कन्फर्म किया कि उसने मार्च 2026 तक India Cements और Kesoram के अधिग्रहण का सफल इंटीग्रेशन पूरा कर लिया है।
अधिग्रहण से कंपनी को क्या फायदा हुआ?
इन अधिग्रहणों के इंटीग्रेशन के अच्छे नतीजे सामने आए हैं। India Cements की EBITDA प्रति टन ₹333 (Q2 FY26) से बढ़कर ₹497 (Q4 FY26) हो गई है। कंपनी सस्टेनेबिलिटी (Sustainability) पर भी जोर दे रही है, जहां वह 43% बिजली ग्रीन सोर्स से ले रही है और FY30 तक इसे 85% तक ले जाने का लक्ष्य है।
भविष्य की ग्रोथ और निवेश
UltraTech Cement आने वाले समय में सालाना 7-8% की वॉल्यूम ग्रोथ की उम्मीद कर रही है, वहीं FY27 के लिए डबल-डिजिट ग्रोथ का अनुमान लगाया गया है। इस विस्तार को सपोर्ट करने के लिए, कंपनी सालाना ₹8,000 से ₹10,000 करोड़ का बड़ा कैपेक्स (Capex) करने की योजना बना रही है। कंपनी का लक्ष्य FY28 तक 242.5 MTPA की क्षमता तक पहुंचना है।
बढ़ती लागत और बाज़ार की चाल
भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical tensions) के कारण कंपनी को बैग और फ्यूल (ईंधन) की लागत में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ रहा है। एक अनुमान के मुताबिक, करेंसी डीवैल्यूएशन (Currency devaluation) का EBITDA पर लगभग ₹30/टन का असर पड़ा है। इन बढ़ती लागतों को संभालने के लिए, कंपनी Q1 में प्राइस हाइक (Price hike) की उम्मीद कर रही है। फिलहाल, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनावी माहौल के कारण मांग में अस्थायी मंदी देखी जा रही है।
निवेशकों के लिए मुख्य बातें
निवेशक कंपनी के ₹8,000-10,000 करोड़ के सालाना कैपेक्स के एग्जीक्यूशन (Execution) और बढ़ती इनपुट कॉस्ट (Input cost) को प्राइस हाइक के ज़रिए रिकवर करने की क्षमता पर नज़र रखेंगे। साथ ही, CCI की जांच के नतीजे भी महत्वपूर्ण होंगे।
