Ujaas Energy Limited के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने श्रीमती गीता मुंद्रा को एक अतिरिक्त निदेशक (Additional Director) और कंपनी का नया चेयरपर्सन नियुक्त करने पर सहमति जताई है। यह बड़ा फेरबदल 15 अप्रैल, 2026 से लागू होगा। श्रीमती मुंद्रा के पास प्रशासनिक नेतृत्व, सामाजिक और कॉर्पोरेट प्रबंधन में 40 से अधिक वर्षों का अनुभव है।
यह नियुक्ति Ujaas Energy के लिए एक अहम मोड़ है, खासकर तब जब कंपनी भारत के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में काम कर रही है। यह बदलाव कंपनी के संस्थापक श्याम सुंदर मुंद्रा के 1 फरवरी, 2026 को हुए निधन के बाद आया है, जो चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर भी थे। उनके बेटे, विकलप मुंद्रा और अनुराग मुंद्रा, वर्तमान में बोर्ड के निदेशक हैं। Ujaas Energy, जिसे पहले M and B Switchgears Limited के नाम से जाना जाता था, 2013 से सोलर पावर जनरेशन और संबंधित मैन्युफैक्चरिंग में सक्रिय है। कंपनी ने हाल ही में इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत एक रिजॉल्यूशन प्रोसेस पूरा किया है, जिसकी योजना अक्टूबर 2023 में मंजूर हुई थी।
इस लीडरशिप बदलाव का बोर्ड की संरचना और गतिशीलता पर असर पड़ेगा। शेयरधारकों का वोट एक महत्वपूर्ण पहलू होगा, क्योंकि नियुक्ति उनकी मंजूरी पर निर्भर करती है। इसके अलावा, श्रीमती मुंद्रा के निदेशक अनुराग मुंद्रा और विकलप मुंद्रा के साथ पारिवारिक संबंध हैं, जिसके चलते किसी भी संबंधित-पक्ष लेनदेन (related-party transactions) की जांच थोड़ी सख्त हो सकती है।
प्रतिस्पर्धी रिन्यूएबल एनर्जी मार्केट में, Ujaas Energy के प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों में Adani Green Energy Ltd, Tata Power Company Ltd, और JSW Energy Ltd जैसी कंपनियां शामिल हैं, जो भारत की ग्रीन एनर्जी क्षमता का विस्तार कर रही हैं। कंपनी के हालिया ऑपरेशनल इतिहास में NCLT इंदौर बेंच द्वारा 13 अक्टूबर, 2023 को स्वीकृत एक रिजॉल्यूशन प्लान भी शामिल है। निवेशक आगामी शेयरधारक बैठक के नतीजे, नए नेतृत्व के तहत बोर्ड की गतिशीलता कैसे विकसित होती है, और संबंधित-पक्ष लेनदेन के संबंध में कंपनी की गवर्नेंस प्रथाओं पर नजर रखेंगे।
