Tube Investments of India Limited (TII) ने अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सहायक कंपनी TI Clean Mobility Private Limited (TICMPL) में करीब ₹250 करोड़ की भारी-भरकम रकम लगाने की घोषणा की है। यह निवेश 2.5 करोड़ Compulsorily Convertible Preference Shares (CCPS) जारी करके किया जाएगा, जिनकी फेस वैल्यू ₹100 प्रति शेयर होगी।
इस फंड का सीधा मकसद TICMPL के इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बिज़नेस के विस्तार को तेज़ी से आगे बढ़ाना है। यह कदम TII के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेगमेंट के प्रति अपने मज़बूत इरादों को दिखाता है, खासकर भारत के तेज़ी से बढ़ते EV मार्केट में।
निवेश के साथ-साथ, TII और TICMPL ने TICMPL के मौजूदा निवेशकों के साथ एक संशोधित और पुनर्गठित शेयरहोल्डर्स एग्रीमेंट (Shareholders' Agreement) पर भी हस्ताक्षर किए हैं। इस बदले हुए एग्रीमेंट का लक्ष्य TICMPL के भविष्य के विकास के लिए सभी स्टेकहोल्डर्स को एक साथ लाना है।
यह पूंजी TICMPL के लिए अपने ऑपरेशन्स को बढ़ाने और भारत के तेज़ी से विकसित हो रहे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी बाज़ार में अपनी मौजूदगी मज़बूत करने के लिए बेहद अहम है। TII का TICMPL को लगातार समर्थन, जो कि पिछले फंडिंग राउंड्स में भी देखा गया है, EV सेगमेंट की क्षमता और उसकी सहायक कंपनी की रणनीतिक बाज़ार स्थिति में कंपनी के विश्वास को दर्शाता है।
यह कोई पहली बार नहीं है कि TII ने TICMPL में निवेश किया है। जुलाई 2023 में ही TII ने EV पहलों को सपोर्ट करने के लिए TICMPL में ₹200 करोड़ का निवेश किया था। इसके बाद, सितंबर 2023 में EV स्पेस में अपनी सहायक कंपनी की महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं को फंड करने के लिए ₹250 करोड़ तक के अतिरिक्त निवेश का प्रस्ताव भी आया था, जो कि एक फेज़्ड (Phased) अप्रोच को दिखाता है।
TICMPL, TII की इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के लिए समर्पित इकाई है, जो इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स (Electric Three-Wheelers) और ट्रैक्टर जैसे सेगमेंट्स को कवर करती है।
इस नए फंड से TICMPL को अपनी विस्तार योजनाओं, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी (Manufacturing Capacity) को बढ़ाना और नए प्रोडक्ट्स (New Products) डेवलप करना शामिल है, के लिए काफी पूंजी मिलेगी। यह निवेश TICMPL को प्रतिस्पर्धी EV सेगमेंट में अपनी बाज़ार स्थिति को और मज़बूत करने में मदद करेगा। साथ ही, संशोधित शेयरहोल्डर्स एग्रीमेंट भविष्य के विकास और स्टेकहोल्डर अलाइनमेंट के लिए एक स्पष्ट गवर्नेंस फ्रेमवर्क (Governance Framework) प्रदान करेगा।
यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि ₹250 करोड़ का यह निवेश अभी पूरी तरह से फाइनल नहीं हुआ है। इसकी कंप्लीशन (Completion) Tube Investments और TICMPL के निवेशकों द्वारा एग्रीमेंट्स में उल्लिखित कुछ खास शर्तों को पूरा करने पर निर्भर करेगी। यदि ये शर्तें पूरी नहीं होती हैं, तो पूंजी निवेश में देरी हो सकती है या यह प्रभावित हो सकता है।
EVs में Tube Investments का आक्रामक विस्तार, भारत के अन्य बड़े ऑटो और समूह कंपनियों की रणनीतियों जैसा ही है। उदाहरण के लिए, Ashok Leyland अपनी Switch Mobility डिवीज़न के ज़रिए इलेक्ट्रिक बसें और हल्के कमर्शियल व्हीकल्स (LCVs) में भारी निवेश कर रहा है, जिसका लक्ष्य बाज़ार में हिस्सेदारी हासिल करना है। वहीं, Tata Motors पैसेंजर और कमर्शियल EV सेगमेंट्स में एक लीडर के तौर पर स्थापित हो चुका है।