Trishakti Industries: ₹20 करोड़ का भारी निवेश, FY26 केपेक्स लक्ष्य को पार कर कंपनी ने बढ़ाई कमाई की उम्मीद

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Trishakti Industries: ₹20 करोड़ का भारी निवेश, FY26 केपेक्स लक्ष्य को पार कर कंपनी ने बढ़ाई कमाई की उम्मीद
Overview

Trishakti Industries ने अपने ऑपरेशनल फ्लीट को मजबूत करने के लिए **₹20 करोड़** का बड़ा निवेश किया है। इस नए इक्विपमेंट के साथ, कंपनी का कुल संचयी केपेक्स (cumulative capex) अब **₹258 करोड़** हो गया है। खास बात यह है कि कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 26 (FY26) के लिए अपने केपेक्स गाइडेंस **₹100 करोड़** को पार करते हुए **₹210 करोड़** का आंकड़ा छू लिया है।

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केपेक्स लक्ष्य से आगे बढ़ी Trishakti Industries

Trishakti Industries ने हाल ही में ₹20 करोड़ (GST सहित) नए मशीनरी में खर्च किए हैं, जिससे कंपनी का कुल केपेक्स ₹258 करोड़ तक पहुंच गया है। इस निवेश का मतलब है कि कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 26 (FY26) के लिए ₹100 करोड़ का जो केपेक्स गाइडेंस दिया था, उसे काफी पीछे छोड़ दिया है। FY26 के लिए कंपनी का केपेक्स अब ₹210 करोड़ पर पहुंच गया है, जो गाइडेंस से 110% ज्यादा है।

नई मशीनरी से रेवेन्यू में ₹6 करोड़ का इजाफा

कंपनी का अनुमान है कि यह नया निवेश अगले 12 महीनों में लगभग ₹6 करोड़ का अतिरिक्त रेवेन्यू जेनरेट करेगा। यह कदम कंपनी के ऑपरेशनल फ्लीट को बढ़ाने और उसकी क्षमता को मजबूत करने में मदद करेगा, जिससे आने वाले समय में कंपनी की कमाई की विजिबिलिटी (revenue visibility) बढ़ेगी। Trishakti Industries की FY28 तक ₹400 करोड़ का एक बड़ा केपेक्स प्लान भी है, और यह निवेश उसी दिशा में एक कदम है।

कंपनी की पृष्ठभूमि और चुनौतियां

Trishakti Industries भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस सेक्टर में हेवी इक्विपमेंट हायरिंग और लीजिंग का काम करती है। कंपनी का पिछला प्रदर्शन काफी आक्रामक रहा है। मार्च 2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार, Trishakti ने FY26 में ₹190 करोड़ का केपेक्स किया था और फ्लीट यूटिलाइजेशन 100% पर था। कंपनी ने Larsen & Toubro और Reliance Industries जैसी बड़ी फर्मों के साथ महत्वपूर्ण क्लाइंट कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल किए हैं।

हालांकि, कंपनी को कुछ चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा है। फाइनेंशियल ईयर 25 (FY25) की तीसरी तिमाही में, Trishakti ने रेवेन्यू और नेट प्रॉफिट दोनों में साल-दर-साल भारी गिरावट दर्ज की थी। इन चिंताओं के चलते एनालिस्ट फर्म MarketsMOJO ने अप्रैल 2024 में स्टॉक को 'Sell' रेटिंग दी थी, जिसका कारण कमजोर फंडामेंटल्स, ऑपरेटिंग लॉसेस और ओवरवैल्यूएशन थे। हालिया केपेक्स से कंपनी एक बार फिर ग्रोथ की ओर बढ़ने की कोशिश करती दिख रही है।

जोखिम और ध्यान देने योग्य बातें

निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि नई मशीनरी से अनुमानित रेवेन्यू की प्राप्ति उसके वास्तविक प्रदर्शन और यूटिलाइजेशन रेट पर निर्भर करेगी। साथ ही, MarketsMOJO जैसी फर्मों द्वारा स्टॉक के ओवरवैल्यूएशन और फंडामेंटल कमजोरियों को लेकर जताई गई पिछली चिंताएं, और Q3 FY25 में रेवेन्यू-प्रॉफिट में आई भारी गिरावट को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

इंडस्ट्री पीयर्स

Trishakti Industries हेवी इक्विपमेंट हायरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस के क्षेत्र में काम करती है। इसके प्रमुख प्रतियोगियों में Seamec Ltd., Deep Industries Ltd., और Jindal Drilling and Industries Ltd. जैसी कंपनियां शामिल हैं, जो ऑयल एंड गैस सेक्टर में औद्योगिक उपकरणों की तैनाती और सेवाओं में सक्रिय हैं।

आगे क्या देखें?

निवेशक अब नई खरीदी गई मशीनरी से होने वाले रेवेन्यू जनरेशन पर बारीकी से नजर रखेंगे। कंपनी के FY28 तक ₹400 करोड़ के केपेक्स प्लान पर प्रगति, नए क्लाइंट ऑर्डर्स और कॉन्ट्रैक्ट रिन्यूअल्स कंपनी के प्रदर्शन के अहम संकेतक होंगे। साथ ही, वैल्यूएशन को लेकर बाजार की धारणा और भविष्य में किसी भी एनालिस्ट कमेंट्री पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.