नतीजों का पूरा लेखा-जोखा
कंपनी की कंसोलिडेटेड ऑपरेटिंग रेवेन्यू (Consolidated Operating Revenue) में 13% का इजाफा हुआ और यह पिछले साल के ₹3,046 करोड़ से बढ़कर ₹3,428 करोड़ हो गया। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) की बात करें तो, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 15% बढ़कर ₹720 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू ₹10,694 करोड़ दर्ज किया गया।
भविष्य के लिए मजबूत आधार
Thermax के लिए सबसे बड़ी राहत उसके ऑर्डर बैकलाग (Order Backlog) से मिली है, जो साल-दर-साल 27% बढ़कर ₹13,604 करोड़ पर पहुंच गया है। यह पिछले साल के लगभग ₹10,712 करोड़ के मुकाबले एक बड़ी छलांग है। यह बढ़ता हुआ ऑर्डर बुक अगले फाइनेंशियल ईयर के लिए रेवेन्यू की अच्छी-खासी विजिबिलिटी (Visibility) प्रदान करता है।
शेयरधारकों को मिला तोहफा और नई नियुक्तियां
शेयरधारकों को खुश करते हुए, Thermax के बोर्ड ने FY26 के लिए ₹20 प्रति शेयर के कुल डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है। इस डिविडेंड में ₹14 का फाइनल डिविडेंड और ₹6 का स्पेशल डिविडेंड शामिल है। कंपनी में नई नियुक्तियों की बात करें तो, कविता सिंह (Kavita Singh) को चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज ऑफिसर (Chief Human Resources Officer) के पद पर नियुक्त किया गया है। साथ ही, डॉ. रवि शंकर गोपीनाथ (Dr. Ravi Shankar Gopinath) को नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर (Non-Executive Independent Director) के तौर पर फिर से चुना गया है, जो कंपनी को मार्गदर्शन देते रहेंगे।
स्टैंडअलोन प्रॉफिट में गिरावट और कानूनी मामला
हालांकि, कंसोलिडेटेड नतीजों के बीच, कंपनी के स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट (Standalone Net Profit) में Q4 FY26 में 27% की गिरावट देखी गई। इसका मुख्य कारण पिछले साल की इसी तिमाही में मिले एक बड़े एग्जेंप्शनल गेन (Exceptional Gain) को बताया गया है, न कि मौजूदा प्रदर्शन में कोई कमी। Thermax ऊर्जा और पर्यावरण क्षेत्र की एक प्रमुख भारतीय कंपनी है। हालांकि, ₹1,385.47 करोड़ के एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में चल रही अपील पर भी निवेशकों की पैनी नजर रहेगी।
कॉम्पिटिशन में Thermax
ऊर्जा और पर्यावरण के इस प्रतिस्पर्धी क्षेत्र में Thermax का मुकाबला Siemens India, BHEL और ABB India जैसी बड़ी कंपनियों से है।
