कस्टम विभाग का ₹1.52 करोड़ का फरमान
Thermax Ltd ने 2 अप्रैल 2026 को बताया कि उसे अहमदाबाद के प्रिंसिपल कमिश्नर ऑफ कस्टम्स से एक असेसमेंट ऑर्डर मिला है। इस ऑर्डर में कंपनी पर कस्टम ड्यूटी और इंटीग्रेटेड गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (IGST) के तौर पर ₹1.52 करोड़ का भुगतान करने की मांग की गई है, साथ ही लागू ब्याज भी देना होगा।
यह डिमांड जून 2020 में दहेज (Dahej) स्थित स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ) में हुई एक बड़ी आग की घटना से जुड़ी है। यह आग पास की एक केमिकल फैक्ट्री, यशश्वी रसायन प्राइवेट लिमिटेड (Yashashvi Rasayan Pvt Ltd) में हुए एक धमाके से शुरू हुई थी। उस धमाके का मलबा Thermax के परिसर में भी फैला था, जिसमें उसके एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट में काम कर रहे दो कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स की जान चली गई थी।
कंपनी की अपील की योजना
Thermax ने स्पष्ट किया है कि वे इस कस्टम और IGST डिमांड के खिलाफ अपील दायर करने का इरादा रखते हैं। कंपनी इस असेसमेंट को चुनौती देगी, इसलिए फिलहाल यह ऑर्डर एक संभावित कंटिंजेंट लायबिलिटी (contingent liability) के तौर पर देखा जा रहा है। अगर अपील सफल नहीं होती है, तो Thermax को ब्याज सहित पूरी राशि का भुगतान करना होगा, जो कंपनी के फाइनेंसियल पर असर डाल सकता है।
गौरतलब है कि Thermax अन्य टैक्स से जुड़े मामलों से भी निपट रही है। कंपनी को 30 मार्च 2026 को पुणे सीजीएसटी (CGST) अथॉरिटीज़ से भी ₹3.14 करोड़ का जीएसटी (GST) पेनल्टी नोटिस मिला था, जो कथित तौर पर गलत एचएसएन क्लासिफिकेशन (HSN classification) के कारण था। Thermax ने इस पर भी अपील करने की योजना बनाई है।
₹4,628 करोड़ के फाइनेंशियल ईयर 25 के रेवेन्यू वाले Thermax जैसे बड़े इंजीनियरिंग समूह के लिए ₹1.52 करोड़ की यह डिमांड अपेक्षाकृत छोटी मानी जा रही है। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड (BHEL), सीमेंस इंडिया (Siemens India) और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) जैसे बड़े इंडस्ट्री पीयर्स (industry peers) के पैमाने को देखते हुए, इस तरह की रकम से शायद कोई बड़ा फाइनेंशियल स्ट्रेन (financial strain) न आए। हालांकि, टैक्स और कस्टम डिमांड्स का बार-बार आना ध्यान देने योग्य है।
निवेशक Thermax की इस कस्टम और IGST डिमांड के खिलाफ अपील के नतीजों पर कड़ी नज़र रखेंगे।
