Tejas Networks: शेयरधारकों की बढ़ी चिंता! ₹909 Cr का भारी घाटा, कमाई **87%** धड़ाम

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Tejas Networks: शेयरधारकों की बढ़ी चिंता! ₹909 Cr का भारी घाटा, कमाई **87%** धड़ाम
Overview

Tejas Networks के निवेशकों के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे चौंकाने वाले रहे हैं। कंपनी ने **₹909 करोड़** का भारी-भरकम कंसोलिडेटेड नेट लॉस (Consolidated Net Loss) दर्ज किया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी मुनाफे में थी। इसके साथ ही, कंपनी की सालाना कमाई में **87.33%** की भारी गिरावट आई है और यह घटकर **₹1,137 करोड़** रह गई है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

नतीजों में आई भारी गिरावट की वजह?

Tejas Networks ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए ₹908.89 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस (Consolidated Net Loss) दर्ज किया है। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में दर्ज ₹446.53 करोड़ के प्रॉफिट (Profit) से बिल्कुल उलट है। कंपनी की सालाना कंसोलिडेटेड कमाई में 87.33% की बड़ी गिरावट आई है, जो पिछले साल के ₹8,968.63 करोड़ से घटकर ₹1,136.66 करोड़ रह गई है।

चौथी तिमाही (Q4) के नतीजों पर नजर डालें तो, इस दौरान रेवेन्यू साल-दर-साल 82.09% घटकर ₹342.97 करोड़ रहा, और कंपनी ने ₹211.34 करोड़ का नेट लॉस झेला। FY26 में कंपनी का कुल सालाना खर्चा ₹2,490.67 करोड़ रहा, जो कि कमाई से कहीं ज्यादा है।

BSNL कॉन्ट्रैक्ट्स का असर

रेवेन्यू में आई इस भारी गिरावट की मुख्य वजह बड़े सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स का पूरा होना बताया जा रहा है। इसमें सबसे प्रमुख भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के लिए 4G/5G रेडियो एक्सेस नेटवर्क (RAN) की बड़े पैमाने पर तैनाती का काम शामिल है। इन प्रोजेक्ट्स में 100,000 से ज्यादा सेल साइट्स शामिल थीं, जिन्होंने पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में कंपनी को रिकॉर्ड परफॉर्मेंस दी थी। 2021 में Tata Sons द्वारा अधिग्रहण के बाद, Tejas Networks ने इन अवसरों का फायदा उठाया था, जिससे एक असाधारण रूप से हाई रेवेन्यू बेस तैयार हुआ था।

कंपनी की वित्तीय सेहत पर दबाव

कंपनी की वित्तीय सेहत पर काफी दबाव दिख रहा है। कंपनी पर कुल कर्ज (Total Borrowings) बढ़कर ₹4,035.47 करोड़ हो गया है, जिससे वित्तीय जोखिम और ब्याज का बोझ बढ़ गया है। शेयरधारकों का मालिकाना हक (Shareholder's Equity) भी FY25 में ₹3,846.32 करोड़ से घटकर FY26 में ₹2,930.87 करोड़ रह गया है, जो कंपनी की बैलेंस शीट को कमजोर कर रहा है।

इसके अलावा, कंपनी ने इन्वेंटरी राइट-डाउन (Inventory Write-downs) के लिए ₹170.39 करोड़ और वारंटी एक्सपेंसेस (Warranty Expenses) के लिए ₹108.09 करोड़ के महत्वपूर्ण प्रोविजन्स (Provisions) बुक किए हैं। यह पिछले ऑपरेशनल या प्रोडक्ट से जुड़ी संभावित समस्याओं का संकेत देता है।

अन्य चुनौतियाँ और भविष्य की राह

बड़े सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स पर निर्भरता के कारण रेवेन्यू कंसंट्रेशन (Revenue Concentration) एक बड़ा जोखिम बना हुआ है। इसके अलावा, Bharti Airtel द्वारा उपकरणों में छेड़छाड़ के आरोपों से जुड़े पुराने विवाद भी भविष्य में सामने आ सकते हैं।

इस प्रतिस्पर्धी टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में, HFCL और Sterlite Technologies (STL) जैसी कंपनियां भी जटिल बाजार की गतिशीलता से जूझ रही हैं। STL ने भी अपने नेट लॉस और रेवेन्यू में गिरावट की रिपोर्ट दी है। दूसरी ओर, HFCL ने अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर्स की बदौलत कुछ स्थिरता दिखाई है।

शेयरधारकों के लिए, यह स्थिति वैल्यू इरोशन (Value Erosion) का कारण बन रही है। Tejas Networks को पुराने मेगा-प्रोजेक्ट्स के पूरा होने के बाद नए बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स सुरक्षित करने या अपने रेवेन्यू स्ट्रीम्स में विविधता लाने की तत्काल आवश्यकता है। बढ़ते कर्ज को मैनेज करना और ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) में सुधार करना इस दौर से निकलने के लिए महत्वपूर्ण है। निवेशक कंपनी की नई अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर्स जीतने की सफलता, NEC जैसे पार्टनर्स के साथ विकसित नई टेक्नोलॉजी के इंटीग्रेशन, और R&D प्रयासों के व्यावसायिकरण पर करीब से नजर रखेंगे।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.