Tata Steel बोर्ड के बड़े फैसले
Tata Steel के बोर्ड ने 15 मई, 2026 को हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कंपनी के ऑडिटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दे दी है। इस बैठक में शेयरधारकों को ₹4 प्रति ऑर्डिनरी शेयर के डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की गई है, जिसका एलान AGM (Annual General Meeting) में होने की उम्मीद है।
TMILL में हिस्सेदारी बढ़ी, ऑपरेशंस होंगे इंटीग्रेट
इसके अलावा, बोर्ड ने TM International Logistics Limited (TMILL) में 23% अतिरिक्त हिस्सेदारी ₹335 करोड़ में खरीदने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी है। इस अधिग्रहण के पूरा होने पर, TMILL में Tata Steel की कुल हिस्सेदारी बढ़कर 74% हो जाएगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य कंपनी के गवर्नेंस को सरल बनाना और लॉजिस्टिक्स ऑपरेशंस को और भी बेहतर तरीके से एकीकृत (integrate) करना है।
डच यूनिट TSN पर ₹170 करोड़ का जुर्माना, बंद होने का खतरा
हालांकि, कंपनी की डच सब्सिडियरी, Tata Steel Netherlands (TSN), के लिए चिंताजनक खबरें हैं। रिपोर्ट के अनुसार, TSN ने वित्तीय वर्ष 2026 के दौरान पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन में कथित तौर पर कोताही बरतने के लिए €20 मिलियन (जो लगभग ₹170 करोड़ भारतीय रुपये के बराबर है) का भारी जुर्माना भरा है। इससे भी बड़ी बात यह है कि TSN को अपने ऑपरेटिंग परमिट रद्द होने और कोक और गैस प्लांट्स के समय से पहले बंद होने का भी सामना करना पड़ सकता है, जिससे इसकी वित्तीय स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
कंपनी के वैधानिक ऑडिटर, Price Waterhouse & Co. Chartered Accountants LLP, ने वित्तीय नतीजों पर अपनी 'अनमोडिफाइड ओपिनियन' (unmodified opinion) दी है, जिसका अर्थ है कि उन्हें नतीजों में कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं मिली है।