उत्तर प्रदेश में Tata Power का बड़ा ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट पूरा
Tata Power ने दक्षिण पूर्व यूपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (SEUPPTCL) प्रोजेक्ट के तहत 154 सर्किट किलोमीटर (Ckm) एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज (EHV) ट्रांसमिशन लाइन्स को सफलतापूर्वक पूरा करने की घोषणा की है। इस मील के पत्थर से Tata Power का ऑपरेशनल ट्रांसमिशन नेटवर्क बढ़कर 5,466 Ckm हो गया है, जिससे उत्तर प्रदेश के बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को काफी मजबूती मिली है।
प्रोजेक्ट के मुख्य हिस्से
पूरी की गई लाइनों में 400 kV टांडा–गोंडा और 400 kV गोंडा–बस्ती डबल सर्किट लाइन्स शामिल हैं। इन ट्रांसमिशन लाइन्स के चालू होने के साथ ही SEUPPTCL के लिए सभी एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज (EHV) लाइन्स और सबस्टेशन पूरी तरह से ऑपरेशनल हो गए हैं, जो प्रोजेक्ट के पूरे दायरे को पूरा करते हैं।
यूपी के पावर ग्रिड को नई ताकत
इस विस्तार से राज्य की बिजली निकासी (power evacuation) क्षमता में 4,000 MW से ज़्यादा का इज़ाफ़ा हुआ है। यह उत्तर प्रदेश के ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करता है, जो ग्रिड की स्थिरता और बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण है।
SEUPPTCL एसेट की कहानी
SEUPPTCL प्रोजेक्ट को मूल रूप से स्पेनिश फर्म Isolux Corsan ने विकसित किया था, लेकिन इसे वित्तीय समस्याओं और देरी का सामना करना पड़ा। इसके बाद, Resurgent Power Ventures Pte. Ltd., एक ज्वाइंट वेंचर जिसमें Tata Power की 26% हिस्सेदारी है, ने इस स्ट्रेस्ड एसेट को एक समाधान प्रक्रिया के ज़रिए एक्वायर किया। इस अधिग्रहण और प्रोजेक्ट को पूरा करने से Tata Power को अपने ट्रांसमिशन बिजनेस को बढ़ाने में मदद मिली है।
नेटवर्क का निरंतर विस्तार
इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद, Tata Power का कुल ऑपरेशनल ट्रांसमिशन नेटवर्क अब 5,466 Ckm तक पहुंच गया है, जो राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर लक्ष्यों का समर्थन करता है।
