कैसे रहे Tata Motors के Q4 FY26 नतीजे?
Tata Motors ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए चौथे तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि के ₹19,999 करोड़ की तुलना में 22.27% बढ़कर ₹24,452 करोड़ रहा। वहीं, स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹2,406 करोड़ दर्ज किया गया।
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) की बात करें तो स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹77,399 करोड़ रहा, जबकि मुनाफा ₹3,362 करोड़ था। कंसोलिडेटेड (Consolidated) लेवल पर, चौथी तिमाही का रेवेन्यू 19.37% बढ़कर ₹26,098 करोड़ हुआ, और कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹1,793 करोड़ रहा। पूरे साल का कंसोलिडेटेड मुनाफा ₹3,030 करोड़ रहा।
एक्सेप्शनल चार्जेस का असर और डेट में कमी
हालांकि, पूरे साल के स्टैंडअलोन मुनाफे पर ₹3,700 करोड़ के एक्सेप्शनल चार्जेस (Exceptional Charges) का बड़ा असर पड़ा। इसमें सब्सिडियरी इनवेस्टमेंट्स (Subsidiary Investments) पर ₹2,313 करोड़ की इम्पेयरमेंट (Impairment) और नए लेबर कोड्स (Labour Codes) से जुड़े ₹363 करोड़ शामिल हैं।
कंपनी की वित्तीय सेहत में बड़ी मजबूती आई है। स्टैंडअलोन टोटल बोरिंग्स (Borrowings) FY25 के ₹5,464 करोड़ से घटकर FY26 में ₹2,929 करोड़ रह गई, जिसने कंपनी की वित्तीय नींव को और मजबूत किया है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
इन शानदार नतीजों और मजबूत बैलेंस शीट को देखते हुए, शेयरधारकों को FY26 के लिए ₹4.00 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (Dividend) का प्रस्ताव दिया गया है। ऑटो सेक्टर में Tata Motors के साथ-साथ Mahindra & Mahindra और Ashok Leyland जैसे बड़े खिलाड़ी भी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (Electric Vehicles) और प्रोडक्ट इनोवेशन पर दांव लगा रहे हैं। निवेशक अब आगे कंपनी के रेवेन्यू ग्रोथ, मुनाफा बढ़ाने की क्षमता, कर्ज़ में और कमी और EV सेगमेंट में प्रोग्रेस पर बारीकी से नज़र रखेंगे।
