TVS Srichakra पर ₹29.47 करोड़ टैक्स का शिकंजा! कंपनी ने खटखटाया अपील का दरवाज़ा

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AuthorAditya Rao|Published at:
TVS Srichakra पर ₹29.47 करोड़ टैक्स का शिकंजा! कंपनी ने खटखटाया अपील का दरवाज़ा
Overview

TVS Srichakra Limited को इनकम टैक्स विभाग से **₹29.47 करोड़** का एक बड़ा डिमांड नोटिस मिला है। यह नोटिस फाइनेंशियल ईयर 2017-18 (FY18) के लिए सेक्शन 14A के तहत हुए डिसअलाउंस (Disallowance) से जुड़ा है। कंपनी का मानना है कि यह डिमांड गलत है और वह अगले 30 दिनों में इसके खिलाफ अपील करने की तैयारी कर रही है।

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क्या है पूरा मामला?

TVS Srichakra Limited ने हाल ही में स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया है कि उन्हें इनकम टैक्स विभाग से ₹29.47 करोड़ का डिमांड नोटिस मिला है। यह डिमांड इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 14A के तहत, वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए की गई कुछ खर्चों की डिसअलाउंस (Disallowance) के संबंध में है। कंपनी का दृढ़ विश्वास है कि यह डिमांड उचित नहीं है और इसलिए वे कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स (अपैल्स) के पास 30 दिनों के भीतर अपील फाइल करने का इरादा रखते हैं।

क्यों है सेक्शन 14A महत्वपूर्ण?

इनकम टैक्स एक्ट का सेक्शन 14A यह तय करता है कि जो खर्च टैक्स-फ्री इनकम (Exempt Income) कमाने के लिए किए गए हों, उन्हें कंपनी के टैक्सेबल प्रॉफिट (Taxable Profit) से घटाया नहीं जा सकता। टैक्स अथॉरिटीज अक्सर कंपनियों द्वारा ऐसे खर्चों के बंटवारे (Allocation) की समीक्षा करती हैं, जिससे इस तरह के नोटिस जारी हो सकते हैं।

पेनल्टी का भी प्रस्ताव

मामले को और जटिल बनाते हुए, इनकम टैक्स विभाग ने आय की कथित अंडर-रिपोर्टिंग के लिए सेक्शन 270A के तहत पेनल्टी प्रोसीडिंग्स (Penalty Proceedings) शुरू करने का भी प्रस्ताव दिया है। यदि कंपनी की अपील सफल नहीं होती है, तो इससे अतिरिक्त वित्तीय देनदारी बढ़ सकती है।

कंपनी का जवाब और उम्मीदें

TVS Srichakra का कहना है कि उन्हें इस नोटिस से किसी बड़े वित्तीय प्रभाव (Material Financial Impact) की उम्मीद नहीं है। कंपनी का मुख्य फोकस फिलहाल इस टैक्स डिमांड के खिलाफ अपनी अपील पर रहेगा। फिलहाल किसी भी तरह के तत्काल कैश आउटफ्लो (Cash Outflow) की उम्मीद नहीं है, क्योंकि कंपनी कानूनी प्रक्रिया का पालन करेगी।

कंपनी का बैकग्राउंड

TVS Srichakra, जो TVS ग्रुप का हिस्सा है, टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर, इंडस्ट्रियल और एग्रीकल्चरल सेगमेंट के लिए टायर बनाने वाली एक प्रमुख कंपनी है। यह मुख्य रूप से 'TVS Eurogrip' ब्रांड के तहत काम करती है। 1982 में स्थापित, कंपनी के तमिलनाडु के मदुरै और उत्तराखंड के रुद्रपुर में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं। यह ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) और आफ्टरमार्केट दोनों को सप्लाई करती है और 85 से ज़्यादा देशों में एक्सपोर्ट करती है।

पिछला मामला

आपको बता दें कि दिसंबर 2023 में, कंपनी को कस्टम्स विभाग, मुंबई से ₹11.02 करोड़ के टैक्स डिमांड का एक नोटिस मिला था, जिसका जवाब देते हुए कंपनी ने तब भी भरोसा जताया था कि उन पर कोई देनदारी नहीं बनेगी।

कॉम्पिटिशन में कौन?

TVS Srichakra टायर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में MRF Ltd., CEAT Ltd., Apollo Tyres Ltd., और JK Tyre & Industries Ltd. जैसी बड़ी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.