NCLT से मिली मंजूरी, पर टैक्स का पंगा!
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने TVS Motor Company और उसकी सब्सिडियरी Sundaram Auto Components के मर्जर को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। यह कॉर्पोरेट पुनर्गठन 8 मई, 2026 से प्रभावी होगा। इसके तहत Sundaram Auto Components का सारा एसेट्स, लायबिलिटीज़ और कामकाज TVS Motor में मर्ज हो जाएगा और Sundaram Auto एक अलग कंपनी के तौर पर खत्म हो जाएगी।
हालांकि, इस मर्जर का एक अहम पहलू यह है कि TVS Motor अब Sundaram Auto Components के ₹53.52 करोड़ से ज्यादा के टैक्स विवादों की जिम्मेदारी संभालेगी। इसमें ₹3.41 करोड़ का बकाया इनकम टैक्स और करीब ₹50.11 करोड़ का GST/सर्विस टैक्स से जुड़ा विवाद शामिल है।
TVS Motor के लिए यह कदम अपने ग्रुप ऑपरेशंस को और बेहतर और कुशल बनाने की रणनीति का हिस्सा है। निवेशक इस बात पर बारीकी से नजर रखेंगे कि TVS Motor इन टैक्स देनदारियों को कैसे मैनेज करती है।
इस मर्जर से TVS Group की पूरी वित्तीय और ऑपरेशनल तस्वीर और स्पष्ट हो जाएगी, जिससे ग्रुप की संरचना सरल होगी और एडमिनिस्ट्रेटिव खर्चों में भी कमी आ सकती है। कर्मचारियों का ट्रांजिशन भी सुचारू रूप से होने की उम्मीद है।
यह कदम इंडस्ट्री के उन ट्रेंड्स के अनुरूप है जहां Bajaj Auto और Hero MotoCorp जैसी कंपनियां भी अपने कामकाज को बेहतर बनाने के लिए इस तरह के पुनर्गठन कर रही हैं। मर्जर को अंतिम रूप देने के लिए NCLT के आदेश को रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास फाइल करना होगा।
