मर्जर के बाद अब प्रमोटर का कंट्रोल हुआ और भी पक्का
TVS Electronics Limited ने TVS Investments Private Limited के साथ हुए अपने विलय (Amalgamation) को आखिरकार पूरा कर लिया है। इस मर्जर के बाद, प्रमोटर गोपाल श्रीनिवासन की कंपनी में हिस्सेदारी बढ़कर 59.71% हो गई है, जिससे उनका कंट्रोल और भी मजबूत हो गया है।
कंपनी के बोर्ड ने अपने आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन (AOA) में कुछ अहम बदलावों को भी मंजूरी दी है। इन बदलावों के तहत, श्री गोपाल श्रीनिवासन को कुछ विशेष अधिकार (Special Rights) मिलेंगे। हालांकि, इन विशेष अधिकारों को लागू होने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी की आवश्यकता होगी। शेयरहोल्डर्स को ई-वोटिंग के जरिए 20 मार्च, 2026 तक अपनी राय देनी होगी।
इस विलय का मुख्य मकसद ग्रुप की शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर को सरल बनाना है। इन बदले हुए आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन से श्री श्रीनिवासन को बोर्ड में डायरेक्टर्स, मैनेजिंग डायरेक्टर और चेयरमैन नॉमिनेट करने जैसे खास अधिकार मिल सकते हैं। यह कदम कंपनी की स्ट्रैटेजिक दिशा तय करने में मदद कर सकता है, लेकिन इससे प्रमोटर का प्रभाव भी बढ़ेगा, जिस पर माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स की पैनी नजर रहेगी।
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) चेन्नई ने 27 नवंबर, 2025 को इस स्कीम को मंजूरी दी थी। मर्जर की प्रभावी तिथि 19 दिसंबर, 2025 है, जबकि अपॉइंटेड डेट 1 अप्रैल, 2023 थी। इससे पहले, TVS Investments Private Limited, जो पहले Geeyes Family Holdings Private Limited के नाम से जानी जाती थी, TVS Electronics की होल्डिंग कंपनी थी।
मर्जर के बाद, TVS Investments Private Limited एक अलग एंटिटी के तौर पर खत्म हो जाएगी और TVS Electronics में विलीन हो जाएगी। अब श्री गोपाल श्रीनिवासन 59.71% हिस्सेदारी के साथ अकेले प्रमोटर होंगे। शेयरधारकों की मंजूरी मिलने पर उनके विशेष अधिकार पूरी तरह से लागू हो जाएंगे।
निवेशक अब शेयरहोल्डर्स की वोटिंग के नतीजों पर बारीकी से नजर रखेंगे। इसके अलावा, प्रमोटर को मिले विशेष अधिकार कंपनी के बड़े फैसलों में दूसरे शेयरधारकों के प्रभाव को कम कर सकते हैं। TVS Electronics आईटी पेरिफेरल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) सेक्टर में काम करती है। इस सेक्टर में Dixon Technologies India Ltd. और Amber Enterprises India Ltd. जैसी कंपनियां भी प्रमुख हैं।
फिलहाल, 21 मार्च, 2026 तक श्री गोपाल श्रीनिवासन की प्रमोटर हिस्सेदारी 59.71% है। आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में बदलाव और चैरिटेबल फंड्स में योगदान पर शेयरधारकों की वोटिंग 20 मार्च, 2026 तक चलेगी।
आगे चलकर, निवेशक शेयरहोल्डर वोट के नतीजों पर ध्यान देंगे। साथ ही, श्रीनिवासन के नॉमिनेशन अधिकारों के लागू होने, कंपनी की रणनीति में किसी तत्काल बदलाव और इस सरल स्ट्रक्चर का कंपनी के बिजनेस पर पड़ने वाले प्रभाव पर नजर रखी जाएगी।
