TIL Limited अपने बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए ₹19,951.40 लाख यानी करीब ₹199.51 करोड़ जुटाने की तैयारी कर रही है। कंपनी ₹165 प्रति राइट्स शेयर की कीमत पर यह राइट्स इश्यू (Rights Issue) लाएगी। इस फंड का एक बड़ा हिस्सा मौजूदा उधारी को चुकाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
यह पूंजी जुटाना TIL Limited के लिए बेहद अहम है, क्योंकि कंपनी अपने बकाया कर्ज को काफी हद तक कम करना चाहती है। इससे कंपनी का बैलेंस शीट मजबूत होगा और वित्तीय स्वास्थ्य सुधरेगा। कर्ज का बोझ कम होने से फाइनेंस कॉस्ट (Finance Cost) में कमी आएगी और कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) के बेहतर होने की उम्मीद है।
शेयरधारकों को हर 64 पूरी तरह से भुगतान किए गए शेयरों के बदले 11 राइट्स शेयर मिलेंगे। इस इश्यू के लिए रिकॉर्ड डेट मार्च 23, 2026 है, जबकि यह मार्च 30, 2026 को खुलेगा और अप्रैल 8, 2026 को बंद होगा।
इस राइट्स इश्यू से जुटाई गई राशि में से ₹14,800.00 लाख यानी ₹148.00 करोड़ का उपयोग कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा, जबकि बाकी बची राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए होगा। यह अतिरिक्त फंड कंपनी को अपनी कार्यशील पूंजी (Working Capital) की जरूरतों, रणनीतिक पहलों और भविष्य की विकास संभावनाओं को पूरा करने में लचीलापन देगा।
TIL Limited, जो 1944 में स्थापित हुई थी, मटेरियल हैंडलिंग और कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट के निर्माण में एक लंबा इतिहास रखती है। हालांकि, कंपनी ने पिछले कुछ फाइनेंशियल ईयर में गंभीर वित्तीय चुनौतियों का सामना किया था, जिसमें ऑडिटर द्वारा नकारात्मक नेट वर्थ (Negative Net Worth) का उल्लेख और लेनदारों द्वारा इन्सॉल्वेंसी (Insolvency) की कार्यवाही शामिल थी। 2024 की शुरुआत में Gainwell Group ने एक कंट्रोलिंग स्टेक (Controlling Stake) हासिल किया, जिससे कंपनी में नई जान आई। नए मैनेजमेंट के तहत, TIL ने एक महत्वपूर्ण टर्नअराउंड (Turnaround) दिखाया है, जिसमें फाइनेंशियल ईयर 2025 में रेवेन्यू बढ़कर ₹339.40 करोड़ हो गया और सालों के नुकसान के बाद नेट प्रॉफिट दर्ज किया गया।
हालांकि, कंपनी को कुछ जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी और उसके वरिष्ठ प्रबंधन को SEBI द्वारा FY2019-20 और FY2020-21 में काल्पनिक लेनदेन (Fictitious Transactions) और वित्तीय गलत बयानी (Financial Misstatements) के लिए ₹2.5 करोड़ का जुर्माना भी लगाया गया था। CBI द्वारा पुन: जांच और Mazagon Dock Shipbuilders Ltd के साथ विवाद जैसे कानूनी मुद्दे भी बने हुए हैं।
फाइनेंशियल ईयर 2025 में कंपनी का रेवेन्यू ₹339.40 करोड़ रहा, जो FY2024 के ₹66.91 करोड़ से काफी ज्यादा है। FY2025 में कंपनी ने ₹2.86 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि FY2024 में ₹48.65 करोड़ (असाधारण मदों को छोड़कर) का घाटा था। 30 अप्रैल, 2025 तक कंपनी का अन-एक्जीक्यूटेड ऑर्डर बुक (Unexecuted Order Book) करीब ₹200 करोड़ का था।
