ट्रेडिंग विंडो बंद करने का कारण?
यह फैसला SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations के तहत लिया गया है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी कर्मचारी या डायरेक्टर के पास कंपनी के नतीजों की अंदरूनी जानकारी का गलत इस्तेमाल न हो सके। जब तक नतीजे सार्वजनिक नहीं हो जाते, तब तक कंपनी के प्रमोटर्स, डायरेक्टर्स और खास कर्मचारियों को शेयर खरीदने या बेचने की इजाजत नहीं होगी। यह विंडो नतीजों के ऐलान के 48 घंटे बाद ही दोबारा खुलेगी।
कंपनी का कारोबार
TD Power Systems AC जेनरेटर और इलेक्ट्रिक मोटर बनाने वाली एक जानी-मानी कंपनी है। इसके जेनरेटर 1 MW से 200 MW तक की क्षमता वाले होते हैं और यह ऑयल एंड गैस, टेक्सटाइल, मरीन जैसे कई प्रमुख उद्योगों को सप्लाई करते हैं। हाल ही में कंपनी ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बढ़ाने के लिए कर्नाटक के तुमकुर में एक नई फैक्ट्री भी खोली है।
पिछले नतीजों पर एक नजर
हालांकि, आने वाले नतीजों का सबको इंतजार है, लेकिन कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (Q3) में शानदार प्रदर्शन किया था:
- कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 26% की बढ़ोतरी हुई थी, जो ₹44,267.57 लाख पर पहुँचा।
- कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 25% बढ़कर ₹5,631.70 लाख रहा।
- दिसंबर 2025 तक के नौ महीनों में, कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स में 37% का जबरदस्त उछाल आया था।
निवेशकों के लिए खास
बाजार के जानकार कह रहे हैं कि TD Power Systems के हालिया प्रदर्शन को देखते हुए, Q4 और पूरे फाइनेंशियल ईयर के नतीजे भी मजबूत रहने की उम्मीद है। निवेशक 31 मार्च 2026 को होने वाली बोर्ड मीटिंग पर खास नजर रखेंगे। इस दौरान कंपनी के नतीजों के साथ-साथ मैनेजमेंट की ओर से भविष्य को लेकर क्या गाइडेंस दी जाती है, यह देखना अहम होगा। ABB India Ltd, Siemens Ltd, CG Power and Industrial Solutions Ltd, और Hitachi Energy India Ltd जैसी कंपनियां भी इसी तरह के नियमों का पालन करती हैं।
