Super Sales India Ltd ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के अपने ऑडिटेड वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के ऑपरेशन से रेवेन्यू ₹410.54 करोड़ रहा, लेकिन इस दौरान ₹1.39 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया गया।
कंपनी के डायरेक्टर्स बोर्ड ने ₹2.50 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है, जिसे एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी मिलनी बाकी है।
यह नतीजे पिछले फाइनेंशियल ईयर, FY25 के विपरीत हैं, जब Super Sales India Ltd ने ₹380.15 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹5.07 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया था। FY26 में रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद प्रॉफिट में यह गिरावट चिंता का विषय है।
कंपनी ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और इंडस्ट्रियल मशीनरी सेक्टर में काम करती है, जो कॉम्पिटिशन और इकोनॉमिक साइकल के प्रति संवेदनशील हैं। रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद लगातार लॉस यह दर्शाता है कि कंपनी को कॉस्ट मैनेजमेंट या ऑपरेशनल एफिशिएंसी सुधारने में चुनौतियां आ रही हैं।
एक अहम बात यह भी है कि कंपनी ने FY26 के लिए ₹11.61 का अर्निंग्स पर शेयर (EPS) बताया है, जो ₹1.39 करोड़ के नेट लॉस के साथ मेल नहीं खा रहा। इस विसंगति पर मैनेजमेंट से स्पष्टीकरण की उम्मीद है।
ऑडिटर्स ने कंपनी के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर अनमॉडिफाइड ओपिनियन (unmodified opinions) दिया है, यानी नतीजों की पारदर्शिता पर कोई सवाल नहीं उठाया गया है। हालांकि, ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स सेक्टर की अन्य कंपनियां जैसे Minda Corporation और Schaeffler India आमतौर पर लगातार प्रॉफिटेबिलिटी दिखा रही हैं।
शेयरधारकों से डिविडेंड प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर AGM 20 जुलाई 2026 को होगी। निवेशकों की नजरें अब मैनेजमेंट द्वारा नेट लॉस के कारणों और प्रॉफिट रिकवरी की स्ट्रैटेजी पर टिकी रहेंगी।