FY26 में कैसा रहा Sterling & Wilson का प्रदर्शन?
Sterling & Wilson Renewable Energy के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹7,548.05 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले साल (FY25) से 20% की बढ़ोतरी दर्शाता है। हालांकि, इसी अवधि में कंपनी को ₹295.79 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस हुआ है। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹85.55 करोड़ के नेट प्रॉफिट से एक बड़ा उलटफेर है। कंपनी ने बताया कि यह बदलाव मुख्य रूप से इम्पेयरमेंट चार्जेज और आर्बिट्रेशन आउटकम जैसे विशेष आइटम्स के कारण हुआ है।
चौथी तिमाही (Q4 FY26) में सुधार
FY26 की चौथी तिमाही (Q4) में कंपनी के प्रदर्शन में सुधार दिखा। इस तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹141.59 करोड़ रहा, जो Q4 FY25 के ₹55.01 करोड़ की तुलना में काफी अधिक है। वहीं, Q4 FY26 में रेवेन्यू ₹1,945.61 करोड़ दर्ज किया गया।
ऑर्डर बुक और EBITDA
FY26 के दौरान, कंपनी के ऑर्डर इनफ्लो में 43% की जोरदार वृद्धि देखी गई, जो ₹10,062 करोड़ रहा। इसके साथ ही, 31 मार्च, 2026 तक कंपनी की अनएक्जीक्यूटेड ऑर्डर बुक ₹11,813 करोड़ तक पहुंच गई, जो भविष्य के रेवेन्यू की मजबूती की ओर इशारा करता है। ऑपरेशनल EBITDA में भी 53% का इजाफा हुआ और यह ₹444 करोड़ पर पहुंच गया।
इन्वेस्टर कॉल का ऑडियो जारी
कंपनी ने 24 अप्रैल, 2026 को हुई अपनी इन्वेस्टर/एनालिस्ट कॉन्फ्रेंस कॉल का ऑडियो रिकॉर्डिंग सार्वजनिक कर दिया है। यह कॉल FY26 के ऑडिटेड नतीजों और कंपनी की भविष्य की रणनीति पर केंद्रित थी। इससे निवेशकों को मैनेजमेंट के दृष्टिकोण को सीधे सुनने और कंपनी के प्रदर्शन के पीछे के कारणों को समझने का मौका मिलेगा।
जोखिम और चुनौतियां
Sterling & Wilson Renewable Energy को कुछ महत्वपूर्ण जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें एग्जीक्यूशन से जुड़े जोखिम, मैनेजमेंट की रिटर्न जनरेट करने की क्षमता पर सवाल और बैलेंस शीट की चुनौतियां शामिल हैं। कंपनी पर कर्ज का बोझ बढ़ा है, FY25 में लॉन्ग-टर्म डेट दोगुना से अधिक हो गया था। इसके अलावा, आर्बिट्रेशन के नतीजे और कानूनी विवादों का कंपनी की विरासत (legacy) कॉन्ट्रैक्ट्स और रिसीवेबल्स पर असर पड़ सकता है।
इंडस्ट्री के दूसरे खिलाड़ी
यह कंपनी कॉम्पिटिटिव रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में Larsen & Toubro (L&T), Adani Green Energy Ltd. और Tata Power के रिन्यूएबल एनर्जी सेगमेंट जैसे बड़े खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। L&T के एनर्जी सेगमेंट ने FY25 में ₹87,569 करोड़ के ऑर्डर इनफ्लो और ₹42,000 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था। Adani Green Energy की ऑपरेशनल क्षमता लगभग 17.2 GW है।
