रिकॉर्ड टर्नओवर, लिटिगेशन से हुआ बड़ा लॉस
Sterling and Wilson Renewable Energy ने वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के लिए ₹7,548 करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा सालाना टर्नओवर हासिल किया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 20% की मजबूत वृद्धि दर्शाता है।
नतीजे क्यों रहे मिले-जुले?
जहां एक ओर रेवेन्यू के मामले में कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया, वहीं ₹611 करोड़ के एक बड़े लिटिगेशन राइट-ऑफ के चलते उसे पूरे वित्तीय वर्ष में ₹296 करोड़ का नेट लॉस दर्ज करना पड़ा। यह राइट-ऑफ पुराने कानूनी मामलों से जुड़ा था।
प्रमोटर्स का बड़ा सहारा
कंपनी के लिए राहत की बात यह है कि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि इस लिटिगेशन से होने वाले वित्तीय प्रभाव की काफी हद तक भरपाई प्रमोटर्स, खासकर Reliance द्वारा की जाएगी।
ऑर्डर बुक मजबूत, O&M में भी उछाल
वित्तीय नतीजों के अलावा, कंपनी ने ₹10,062 करोड़ के नए ऑर्डर्स भी हासिल किए हैं। इससे कंपनी का अन-एग्जीक्यूटेड ऑर्डर बुक अब ₹11,813 करोड़ तक पहुंच गया है। साथ ही, कंपनी के ऑपरेशंस और मेंटेनेंस (O&M) पोर्टफोलियो में भी जबरदस्त बढ़त देखी गई, जो पिछले साल के 8.7 GW से बढ़कर 13.5 GW हो गया है।
आगे क्या उम्मीद?
Sterling and Wilson Renewable Energy ने FY27 के लिए 15% रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान लगाया है। हालांकि, कंपनी को कॉपर, एल्यूमीनियम और सिल्वर जैसी कमोडिटीज की कीमतों में उतार-चढ़ाव और नाइजीरिया में प्रोजेक्ट की धीमी गति जैसी कुछ चुनौतियों का भी सामना करना पड़ सकता है। बाजार की नजरें कंपनी के एग्जीक्यूशन पर रहेंगी।
