Sterling and Wilson FY26: रिकॉर्ड **₹7,548 करोड़** रेवेन्यू, पर साल भर का नेट लॉस **₹296 करोड़**!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Sterling and Wilson FY26: रिकॉर्ड **₹7,548 करोड़** रेवेन्यू, पर साल भर का नेट लॉस **₹296 करोड़**!
Overview

Sterling and Wilson Renewable Energy Ltd ने वित्त वर्ष 2026 (FY26) के लिए अपने शानदार वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने **₹7,548 करोड़** का रिकॉर्ड रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल से **20%** अधिक है। यह वृद्धि **₹10,062 करोड़** के मजबूत ऑर्डर इनफ्लो के कारण संभव हुई है। कंपनी का अनएक्जीक्यूटेड ऑर्डर वैल्यू (UOV) COVID-19 के बाद अपने उच्चतम स्तर **₹11,813 करोड़** पर पहुंच गया है। हालांकि, पूरे साल का नेट लॉस **₹296 करोड़** रहा, जिसका मुख्य कारण लिटिगेशन से जुड़े असाधारण मदें थीं, जबकि चौथी तिमाही (Q4 FY26) में **₹142 करोड़** का रिकॉर्ड प्रॉफिट दर्ज किया गया।

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रिकॉर्ड रेवेन्यू और मजबूत ऑर्डर बुक

Sterling and Wilson Renewable Energy Ltd ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए अपने नतीजों की घोषणा की है, जिसमें टॉप-लाइन प्रदर्शन जबरदस्त रहा है। कंपनी ने ₹7,548 करोड़ का अब तक का सबसे अधिक वार्षिक रेवेन्यू हासिल किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 20% की शानदार वृद्धि दर्शाता है। इस ग्रोथ का मुख्य श्रेय मजबूत ऑर्डर इनफ्लो को जाता है।

FY26 के दौरान, Sterling and Wilson ने ₹10,062 करोड़ के नए ऑर्डर्स हासिल किए, जो पिछले वर्ष से 43% अधिक है। इस दमदार प्रदर्शन ने कंपनी के अनएक्जीक्यूटेड ऑर्डर वैल्यू (UOV) को ₹11,813 करोड़ तक पहुंचा दिया है, जो COVID-19 महामारी के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। यह भारी-भरकम ऑर्डर बैकलाग अगले 18-24 महीने के लिए अच्छी रेवेन्यू विजिबिलिटी प्रदान करता है।

लाभप्रदता का मिला-जुला हाल

लाभप्रदता के मामले में कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन ने मिश्रित तस्वीर पेश की है। FY26 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में ₹142 करोड़ का रिकॉर्ड नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया गया, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 158% अधिक है। हालांकि, पूरे वित्त वर्ष की समाप्ति ₹(296) करोड़ के नेट लॉस के साथ हुई। यह वार्षिक घाटा मुख्य रूप से असाधारण मदों के प्रभाव के कारण था, जिसमें खासकर चल रहे कानूनी मामलों (लिटिगेशन) से जुड़े खर्च शामिल हैं।

व्यवसाय का स्वरूप और भविष्य की रणनीति

Sterling and Wilson Renewable Energy सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) सेवाएं प्रदान करने वाली एक वैश्विक कंपनी है, जो ऑपरेशन्स और मेंटेनेंस (O&M) सेवाएं भी देती है। कंपनी एक रिकवरी फेज में काम कर रही है, जिसमें वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और पुराने मुद्दों व ऋण पुनर्गठन को संबोधित करने के बाद ऑर्डर बुक एग्जीक्यूशन को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

आउटलुक और ग्रोथ ड्राइवर्स

शेयरधारक मजबूत प्रोजेक्ट जीत और एग्जीक्यूशन से प्रेरित होकर टॉप-लाइन ग्रोथ की उम्मीद कर सकते हैं। इसके अलावा, बढ़ता हुआ O&M पोर्टफोलियो आवर्ती राजस्व धाराओं (recurring revenue streams) में वृद्धि का संकेत देता है, जिसे बाजार अक्सर सकारात्मक रूप से देखता है। कोल इंडिया (Coal India) के साथ 1.2 GW के बड़े प्रोजेक्ट के लिए प्रिफर्ड बिडर (L1) का दर्जा हासिल करना भविष्य के प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन के लिए एक स्पष्ट मार्ग प्रदान करता है।

मुख्य जोखिम और चुनौतियां

FY26 में ₹(296) करोड़ का पूरा साल का नेट लॉस, जो लिटिगेशन जैसी असाधारण मदों से उत्पन्न हुआ है, जब तक कि इन मामलों का पूरी तरह से समाधान नहीं हो जाता, तब तक यह लाभप्रदता और निवेशक भावना के लिए एक जोखिम बना हुआ है। EPC व्यवसाय के लिए लगभग 8-10% और O&M सेगमेंट के लिए लगभग 20% के स्वस्थ ग्रॉस मार्जिन को बनाए रखना टिकाऊ लाभप्रदता के लिए महत्वपूर्ण होगा।

परिचालन मेट्रिक्स

FY26 के लिए समेकित ऑपरेशनल EBITDA ₹444 करोड़ रहा, जो 53% की वृद्धि दर्शाता है, और मार्जिन 5.9% था। मार्च 2026 तक नेट वर्किंग कैपिटल -₹329 करोड़ पर था, जो EPC ऑपरेशन्स के भीतर कुशल कैश कन्वर्जन का सुझाव देता है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.