Steelman Telecom Limited ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को सूचित किया है कि यह SEBI के 'लार्ज कॉर्पोरेट' (Large Corporate) मानदंडों को पूरा नहीं करती है। 31 मार्च, 2026 तक कंपनी की अनुमानित आउटस्टैंडिंग बॉरोइंग (outstanding borrowings) ₹58.76 करोड़ रही, जबकि पिछले साल 31 मार्च, 2025 को यह ₹53.97 करोड़ थी।
SEBI ने 10 अगस्त, 2021 को एक सर्कुलर जारी कर 'लार्ज कॉर्पोरेट' फ्रेमवर्क को लागू किया था। इस नियम के तहत, वे कंपनियां जिनकी कुल उधारी ₹100 करोड़ से ज़्यादा है, उन्हें डेट इंस्ट्रूमेंट्स (debt instruments) जारी करते समय ज़्यादा डिस्क्लोजर (disclosure) और कंप्लायंस (compliance) ज़रूरतों को पूरा करना होता है।
'लार्ज कॉर्पोरेट' के तौर पर वर्गीकृत होने वाली कंपनियों के लिए डेट जुटाने की प्रक्रिया ज़्यादा जटिल होती है। Steelman Telecom की वर्तमान स्थिति के कारण, कंपनी को अपनी डेट फंड-रेज़िंग (debt fund-raising) एक्टिविटीज़ के लिए इन अतिरिक्त ऑब्लिगेशन्स (obligations) से छूट मिल गई है।
इस छूट से Steelman Telecom को कई फायदे होंगे, जैसे कि डेट इश्यूएंस (debt issuances) के लिए मैंडेटरी क्रेडिट रेटिंग (mandatory credit rating) लेने का दबाव नहीं होगा। साथ ही, कंपनी इस खास SEBI नियम के तहत क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के पास सालाना ऑडिटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट (annual audited financial statements) फाइल करने से भी मुक्त है। कुल मिलाकर, भविष्य में डेट फंड जुटाने से जुड़ी कंप्लायंस का बोझ कम हो गया है।
टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में KEC International और Kalpataru Projects International जैसी अन्य कंपनियों को अपनी उधारी के स्तर और SEBI वर्गीकरण के आधार पर अलग-अलग कंप्लायंस ज़रूरतों का सामना करना पड़ सकता है।
